हिन्दू सम्मेलनों में समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान पर दिया बल
- सहारनपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन को सम्बोधित करता वक्ता।
सहारनपुर। महानगर की हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में आयोजित कार्यक्रमों में समाज को एकजुट होने का आह्वान किया गया। कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, धर्म रक्षा और भावी पीढ़ी के सशक्तिकरण पर बल दिया। महानगर के दिल्ली रोड, गोविन्द विहार और पंजाबी बाग में हिन्दू सम्मेलनों का भव्य आयोजन किया गया।
दिल्ली रोड स्थित निमंत्रण बैंकेट हॉल में सुबह 11ः00 बजे से आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राघवेंद्र स्वामी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब गलतियाँ सुधारने का समय है, असुरों का काल हम ही हैं। मुख्य वक्ता विभाग महानगर प्रचारक कविंद्र ने संघ की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए समाज को हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों के पीछे छिपे विज्ञान से अवगत कराया। उन्होंने देश को परम वैभव पर ले जाने के लिए एकजुटता का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि आचार्य पंडित प्रदीप कौशिक (प्रगीत कौशिक) ने बच्चों के मानसिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि अब नई पीढ़ी को डर के साये से बाहर निकालने का समय आ गया है।
कार्यक्रम में सरस्वती विहार पब्लिक स्कूल एवं पाइनवुड स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर महानगर कार्यवाह रमेश, नगर प्रचार प्रमुख विकास, आयोजन समिति अध्यक्ष अशोक पंवार और मातृशक्ति की ओर से डॉ. नीलिमा व श्रीमती सुनीता चैहान प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। गोविन्द विहार पार्क (शांति नगर बस्ती) में आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि जगद्गुरु शंकराचार्य योगी मनभाई नाथ उर्फ मोनी बाबा (प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय हिंदू परिषद, उत्तराखंड) ने धर्म की रक्षा हेतु संकल्प दिलाया। इनके अलावा पं. महेन्द्र चमोली, शिवकुमार, भागवताचार्य पं. हरि शंकर संगठन की शक्ति के बारे में विस्तार से चर्चा की। पंजाबी बाग स्थित डी.पी. स्कूल में हिन्दू सम्मेलन में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सनातन संस्कृति ही विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। इस दौरान भारी संख्या में धमाचार्य एवं प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
