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नोएडा में भूकंप का झटका, रिक्‍टर स्‍केल पर तीव्रता 3.2, घरों से बाहर निकल आए लोग

नोएडा में भूकंप का झटका, रिक्‍टर स्‍केल पर तीव्रता 3.2, घरों से बाहर निकल आए लोग

 

  • नोएडा में बुधवार देर रात भूकंप का झटका महसूस किया गया, डरे लोग
  • भूकंप की तीव्रता रिक्‍टर पैमाने पर 3.2 आंकी गई, तेज नहीं था झटका
  • अनहोनी की आशंका में अपने घरों से बाहर निकल मैदान में जमा हुए लोग
  • दिल्‍ली एनसीआर में लॉकडाउन के दौरान यह नौवां भूकंप का झटका है

नोएडा
देश की राजधानी दिल्‍ली से सटे नोएडा में बुधवार रात करीब 10:42 पर भूकंप का झटका आया। रिक्‍टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.2 आंकी गई है। राष्‍ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र नोएडा से दक्षिण-पूर्व की तरफ 19 किमी दूर था। इस झटके से किसी नुकसान की खबर नहीं है। डरे लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाला ये नौवां भूकंप है।

आपको बता दें कि दिल्ली और एनसीआर में पिछले दिनों कई भूकंप के झटके लग चुके हैं। फिलहाल इस भूकंप से हुए नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। एहतियातन तौर पर लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए हैं। इससे पहले 29 मई को भी दिल्ली-एनसीआर में भूकंप महसूस किया गया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 थी।

15 मई को भी आया था भूकंप
इससे पहले दिल्ली में 15 मई को भूकंप आया था। रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 2.2 थी। यह भूकंप 11 बजकर 28 मिनट पर आया था। बहुत से लोगों को एहसास भी नहीं हुआ कि भूकंप का कोई झटका लगा है। मगर दिल्‍ली में पिछले दिनों भूकंप आने के मामले बढ़े हैं।

10 मई को भी हिली थी दिल्ली
दिल्ली में 10 मई को वजीरपुर में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र सतह से पांच किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इसमें किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।

क्‍या है भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप का कारण
भारतीय उपमहाद्वीप में विनाशकारी भूकंप आते रहे हैं। 2001 में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आए भूकंप में हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे। भारत तकरीबन 47 मिलीमीटर प्रति वर्ष की गति से एशिया से टकरा रहा है। टेक्टॉनिक प्लेटों में टक्कर के कारण ही भारतीय उपमहाद्वीप में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। हालांकि भूजल में कमी से टेक्टॉनिक प्लेटों की गति में धीमी हुई है।

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