द्वारका हादसा: आरोपी के पिता ने कहा- ‘गलती हो गई’, बोर्ड एग्जाम के लिए बेल पर था नाबालिग, करेगा सरेंडर

द्वारका हादसा: आरोपी के पिता ने कहा- ‘गलती हो गई’, बोर्ड एग्जाम के लिए बेल पर था नाबालिग, करेगा सरेंडर

दिल्ली के द्वारका में 3 फरवरी को सड़क हादसे में मारे गए साहिल धनेशरा मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. नाबालिग आरोपी अपनी परीक्षा खत्म होने के बाद 7 मार्च को सरेंडर करने वाला है. ये जानकारी खुद आरोपी के वकील ने दी है. उनका कहना है कि आरोपी को बोर्ड की परीक्षा खत्म होने के बाद बाल सुधार गृह भेजा जाएगा.

बता दें कि हादसा 3 फरवरी का है लेकिन सुर्खियों में तब आया जब मृतक की मां ने सोशल मीडिया पर इंसाफ की गुहार लगाई. उनका कहना है कि साहिल अपने ऑफिस जाने के लिए निकला था, वहीं दूसरी ओर नाबालिग आरोपी बिना लाइसेंस सड़क पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ले कर फन रिल्स बनाने निकला था. उसने अपनी कार से साहिल को जोरदार टक्कर मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इतना ही नहीं, साहिल की मां का कहना था कि आरोपी पैसे वाला है, इसलिए उसको बेल मिल गई है.

आरोपी पिता ने अपने बयान में क्या कहा?

वहीं इस पूरे मामले पर अब आरोपी के पिता का भी बयान सामने आया है. उन्होंने एनडीटीवी से बात चीत में इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “मैं भी एक पेरेंट हूं. यह एक गलती थी, मुझे बहुत, बहुत दुख है.” उन्होंने कहा, “मैं जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, उसका पालन करूंगा. मुझे जो भी जानकारी मिली, वह पुलिस से मिली. मेरा बेटा और बेटी कार में थे.”

उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी को 3 तारीख को सुबह के करीब 11.30 या 11.45 बजे फोन आया. बच्चे का एक्सीडेंट हो गया, मैं डर गया. मैंने उससे पूछा, ‘यह कैसे हुआ?’ उसने कहा, ‘यह कार में हुआ’. वह डर गई थी. मैं भी डर गया था, मैंने अपनी पत्नी से बच्चे को हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहा, ताकि बच्चे को बचाया जा सके, और सीधा दिल्ली लौटा और द्वारका के पुलिस स्टेशन गया.”

मेरा ड्राइवर गाड़ी चलाता है- आरोपी के पिता

उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को सारे डॉक्यूमेंट्स दे दिए, पुलिस स्टेशन पर बहुत भीड़ थी. हमें पुलिस स्टेशन पर धमकाया जा रहा था.” जब पूछा गया कि नाबालिग को SUV देने के लिए कौन ज़िम्मेदार है, तो पिता ने कहा, “मैं घर पर नहीं था. मैं बाहर था. बच्चे ने गलती की. उसने गलती की. यह गलत है.” जब उनसे कार के खिलाफ 13 चालान, जिसमें तेज रफ़्तार के नौ चालान शामिल हैं, और टीनएजर को अभी भी गाड़ी चलाने की इजाज़त क्यों दी गई, के बारे में पूछा गया, तो पिता ने कहा, “कार मेरे बिज़नेस से जुड़ी है. हमारे पास ड्राइवर हैं और चालान उनकी वजह से हैं, न कि इसलिए कि मेरा बच्चा कार चला रहा था.”

यह पूछे जाने पर कि क्या एक्सीडेंट के समय उसके साथ मौजूद टीनएजर की बहन रील बना रही थी, पिता ने कहा, “नहीं, वह रील नहीं बना रही थी. वह तस्वीरें ले रही थी और वीडियो बना रही थी.” वहीं आरोपी के वकील लाल सिंह ने कहा कि टीनेजर, जिसे अंतरिम राहत मिली है, 7 मार्च को फिर से जुवेनाइल करेक्शन होम में सरेंडर करेगा. वकील ने आगे कहा कि परिवार ने तुरंत जवाब दिया.

जब पिता से उम्र में अंतर और उससे पैदा हुए कन्फ्यूजन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “उसके (बेटे के) हेल्दी शरीर को देखकर, लोग घटना के बारे में कुछ कह रहे थे. आप प्रॉब्लम समझ सकते हैं. मेरी राय में, ऐसा कुछ नहीं है. हमारे पास डॉक्यूमेंट्स हैं. पुलिस डिपार्टमेंट ने जो भी बताया है, वही सच है. और जो असली है, वही हमने बताया है.


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