डोनल्ड ट्रंप ने किया बोर्ड ऑफ पीस का एलान, बोले- यूएन के साथ ही मिलकर करेंगे काम
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए एक नया मंच शुरू किया है। उन्होंने अपने प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस‘ के पहले चार्टर का औपचारिक ऐलान किया। इस बोर्ड में दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता शामिल हैं, जिनमें पाकिस्तान भी एक सदस्य देश है।
‘बोर्ड ऑफ पीस‘ को शुरुआत में इजरायल-फलिस्तीन युद्ध के बाद गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासन की निगरानी के लिए तैयार किया गया था। बाद में इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने तक कर दिया गया। इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता की कीमत 1 अरब डॉलर बताई गई है। ट्रंप ने कहा कि इसमें शामिल होने के लिए कई देश उत्सुक हैं।
दावोस में हुई घोषणा
स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने इस बोर्ड का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हर कोई इस बोर्ड का हिस्सा बनना चाहता है और अमेरिका आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत अन्य संस्थाओं के साथ भी काम करेगा।
बोर्ड ऑफ पीस में शामिल प्रमुख नेता
- अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
- पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना
- उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान
- अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव
गाजा और हमास पर ट्रंप का सख्त संदेश
गाजा को लेकर ट्रंप ने कहा कि युद्ध अब अपने अंत की ओर है, हालांकि कुछ छोटी आग अभी बाकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि हमास को हथियार डालने होंगे, वरना उनका अंत तय है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायल के अंतिम बंधक का शव वापस लौटाया जाना चाहिए।
