चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर हिंसा के खिलाफ चिकित्सकों ने मनाया विरोध दिवस

चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर हिंसा के खिलाफ चिकित्सकों ने मनाया विरोध दिवस
  • सहारनपुर में चिकित्सकों के साथ हिंसा पर रोष जताते आईएमए पदाधिकारी।

सहारनपुर [24CN] । इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने सम्पूर्ण भारत में चिकित्सक एवं चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ होने वाली हिंसा के खिलाफ कली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन नगर मैजिस्ट्रेट को सौंपकर चिकित्सकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आज आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने अपनी बाजुओं पर काली पट्टियां बांधकर देश में चिकित्सकों व चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ होने वाली हिंसा के खिलाफ विरोध दिवस मनाया। इस दौरान चिकित्सकों ने मरीजों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए ओपीडी व इमरजेंसी सेवा तो जारी रखी परंतु आईएमए भवन पर एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने गृह मंत्रालय द्वारा खारिज किए गए स्वास्थ्य सेवा कार्मिक एवं नैदानिक प्रतिष्ठान विधेयक 2019 को वापस लेने, कोरोना वायरस से शहीद हुए चिकित्सकों को सरकारी सहायता दिलाने, कोविड-19 वैक्सीनेशन के खिलाफ बोलने वालों के लिए सख्त कानून लाए जाने तथा पोस्ट कोविड जटिलताओं को दूर करने के लिए शोध प्रकोष्ठ भी बनाने की मांग की।

प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना था कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती तो जैसा भी केंद्रीय आईएमए का आह्वान होगा उस पर आगामी रणनीति तैयार कर अमल किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में आईएमए के अध्यक्ष डा. मंदीप सिंह, सचिव डा. कर्मवीर सिंह, डा. मनीष पांडेय, डा. नरेश सैनी, डा. कलीम अहमद, डा. संजीव वर्मा, डा. सी. एस. आनंद, डा. अनिल भल्ला, डा. शादाब अंसारी, डा. रजनीश सिंघल, डा. खलीलुल्लाह खान समेत भारी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे। इसके अलावा अन्य चिकित्सकों ने अपने प्रतिष्ठानों में काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया।