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कमजोर और जरूरतमंद न्याय पाने से वंचित न रह जाए -सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

कमजोर और जरूरतमंद न्याय पाने से वंचित न रह जाए -सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
  • तिलकराज सैनी गल्र्स डिग्री काॅलेज सरसावा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

सहारनपुर [24CN] । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/न्यायिक अधिकारी (वरिष्ठ) श्रीमती सुमिता ने कहा कि आर्थिक कमियों की वजह से कोई जरूरतमंद/कमजोर तबका न्याय पाने से वंचित न रह जाये। इसके लिए निःशुल्क वकील की सुविधा प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा का मकसद न्याय सबके लिए।  निःशुल्क विधिक सहायता व परामर्श हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल लायर्स आम जन को कानूनों की तकनीकियों को समझाने व समाधान करने का प्रयास करते है। मध्यस्थता केन्द्र में वैवाहिक/पारिवारिक विवादों का निपटारा सहमति से कराया जाता है।

सचिव/न्यायिक अधिकारी (वरिष्ठ) श्रीमती सुमिता आज यहां तिलकराज सैनी गल्र्स डिग्री कालेज सौराना सरसावा तहसील नकुड में च्समं ठंतहंपदपदहएैमदपवत ब्पजप्रमदष्े त्पहीजे विषय पर जागरूकता शिविर को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि अदालतों में बढते मुकदमों की संख्या को कम करने व वैकल्पिक समाधान के रूप में विधायिका ने 2005 में दण्ड प्रकिया संहिता के अध्याय 21-क में प्ली बारगेनिंग का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि जिसके तहत आरोपित होनेे के बाद सात वर्ष से दण्डनीय अपराधों के अभियुक्त न्यायालय के समक्ष आवेदन करके कथन कहता है कि उसने अपराध किया परन्तु सजा कम से कम दी जाये। आवेदन पारित के पश्चात न्यायालय उस मुकदमे के पीडित, विवेचक व अभियोजन अधिकारी के साथ बैठक लेता है, सहमति बनने के बाद न्यायालय के यह विवेकाधिकार पर होता है कि वह अभियुक्त को चेतावनी देकर छोड दे या प्रोबेशन पर रिहा कर दे या दण्डनीय सजा का आधा या एक चैथाई सजा से दण्डित करे।

श्रीमती सुमिता ने अपेक्षा की कि उक्त प्रावधान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की जरूरत है ताकि मुकदमों का शीघ्र निस्तारण हो सके। साथ ही सचिव ने वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण व संरक्षण अधिकार 2007 में दिए गए प्रावधानों के बारे में बताया और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से अपेक्षा की कि बुजर्गो, माता पिता के प्रति अपना मानवीय दृष्टिकोण रखे तथा उनकी उपेक्षा न करे। बुर्जुगो का अपमान, दुव्र्यवहार, दण्डनीय अपराध है। बुर्जुग अपने बालिग बच्चों, रिश्तेदारों से भरण पोषण की मांग कर सकते है। सचिव ने उपस्थित महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। साथ ही दिनंाक 12.12.2020 की राष्ट्र्ीय लोक अदालत में अधिकारिक वादो का निस्तारण कराने की अपील की।

विधिक साक्षरता शिविर में एसडीएम नकुड श्री हिमाशू नागपाल  ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा इस प्रकार के साक्षरता के जो कार्यक्रम जगह जगह आयोजित किये जा रहे है वह वास्तव में सराहनीय है इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित व्यक्तियों को कानूनो एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त होती है जिसका वह प्रचार प्रसार करे अन्य व्यक्तियों को भी बतलायें । तहसीलदार  नकुड श्री विरेन्द्र कुमार ने दैवी आपदा,स्वामित्व योजना,विरासत एवं खतौनी में नाम की दुरूस्ती किस प्रकार हो सकती है, के सम्बन्ध में विस्तार से बताया।श्री अतुल वालिया एडीओ समाज कल्याण ने मुख्यमत्रंी सामूहिक विवाह योजना,प0 दीनदयाल उपाध्याय योजना,व्द्वावस्था,विधवा एवं विकलांग पेशन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान सौराना चै0 रविन्द्र,कानूनो,लेखपाल काफी संख्या में आसपास के क्षेत्रो के सम्भ्रांत नागरिक एवं डिग्री कालेज की छात्रायें मौजूद थी। कार्यक्रम का सचांलन श्री नरेश चंद जैन ने किया।

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