मण्डलायुक्त ने ली कृषि, उद्यान एवं पशुपालन विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक
सहारनपुर [24CN]। मण्डलायुक्त डॉ0 लोकेश एम0 की अध्यक्षता में दोपहर 12ः00 बजे उनके कार्यालय कक्ष में मा0 मुख्यमंत्री जी के विकास प्राथमिकता प्राप्त कार्यक्रमों एवं योजनाओं की अद्यतन प्रगति की मण्डलीय समीक्षा कर सम्बन्धितों को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किये।
मण्डलायुक्त ने कृषि विभाग व उद्यान विभाग की लाभार्थीपरक योजनान्तर्गत उपलब्ध कराये जा रहे यंत्रों व किटों आदि का वितरण तहसील दिवस के दौरान किये जाने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने एवं इसके लिए जिलाधिकारीगण को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत सत्यापन हेतु अवशेष पंजीकृत कृषकों के सम्बन्ध में जानकारी करने पर संयुक्त निदेशक द्वारा बताया गया कि योजना का लाभ प्राप्त कर रहे किसी कृषक की मृत्यु होने की दशा में उसके पुत्रों द्वारा योजनान्तर्गत पंजीकरण कराया जा रहा है किंतु सम्बन्धित कृषक की मृत्यु के बाद उसे जारी की जा चुकी किश्तों की वसूली होने तक नये पंजीकृत कृषकों का सत्यापन किया जाना संभव नहीं है। मृतक कृषक के पुत्रों द्वारा प्रायः किश्तों की अदायगी में टालमटोल किया जा रहा है जिस कारण नये लाभार्थी के रूप में उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि ग्राम पंचायत में मृत कृषकों की सूचना समय से लेखपाल व सचिव के माध्यम से कृषि विभाग को उपलब्ध कराये जाने हेतु संयुक्त कृषि निदेशक जिलाधिकारीगण के लिए पत्र प्रेषित कराना सुनिश्चित करें।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए अपर निदेशक, पशुपालन को निर्देश दिये गये कि निराश्रित गोंवश को संरक्षित किये जाने हेतु तीनों जनपदों में दर्शायी गयी अनुमानित निराश्रित गोवंशों की संख्या में काफी अंतर है। संभवत पशु जनगणना में कहीं न कही त्रुटि रह गयी है। इस हेतु अपर निदेशक अगली बैठक से पूर्व विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें साथ ही शासन के उच्च निर्देशों के क्रम में गोशालाओं की स्थिति में सुधार किया जाए। इसके अतिरिक्त बेहट क्षेत्र में नदी किनारे व जंगलों में काफी पशु विचरण करते हुए देखे जाते है टीम गठित कर ऐसे पशुओं का सर्वे करा लिया जाए। शहरी व नगरीय क्षेत्र में आवारा पशु अभी भी घूमते हुए पाये जाते है जिनके कारण निरंतर दुर्घटनाएं हो रही है। सर्वे कर ऐसे आवारा पशुओं के सरंक्षण की कार्यवाही की जाए। कोई भी पशु खुला घूमता हुआ न पाया जाए अन्यथा संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय किया जायेगा।
उप निदेशक, उद्यान को निर्देश दिये गये कि परम्परागत उत्पादन के अतिरिक्त नई प्रजाति के पुष्प व फलों के उत्पादन पर विशेष फोकस किया जाए। अवगत कराया गया कि जनपद में लोकाट उत्पादन को बढावा दिये जाने से फल उत्पादकों की अच्छी आय हो सकती है। इस सम्बन्ध में उप निदेशक, उद्यान को इच्छुक किसानों को लोकाट उत्पादन के तौर तरीके व अन्य जानकारियॉ प्रदान कर लोकाट उत्पादन हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि सभी विभाग मार्च, 2023 से पूर्व विभागीय लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करना सुनिश्चित करें।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि श्री विरेन्द्र कुमार, संयुक्त निदेशक उद्यान श्री सुरेश कुमार, उप निदेशक कृषि डॉ0 राकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 राजीव कुमार सक्सेना, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी डॉ0 एम0पी0सिंह, जिला उद्यान अधिकारी श्री अरूण कुमार सहित संबंधित विभागों के मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
