मंडलायुक्त द्वारा कलेक्ट्रेट, तहसील सदर एवं विकासखंड बलियाखेड़ी का किया गया निरीक्षण
सहारनपुर । मण्डलायुक्त डॉक्टर रुपेश कुमार द्वारा कलेक्ट्रेट, तहसील सदर एवं विकास खंड ब्लॉयाखेडी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर, जनपद स्तरीय समस्त राजस्व न्यायालय, राजस्व अभिलेखागार, न्यायिक अभिलेखागार, आंग्ल अभिलेखागार, भूलेख कार्यालय, मुख्य राजस्व लेखाकार कार्यालय, राजस्व लेखाकार पटल, सामान्य लिपिक पटल, नजारत, विधिक प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही संयुक्त कार्यालय में राजस्व सहायक प्रथम एवं द्वितीय, बिल सहायक पटल को भी देखा। पटलों के कार्य विभाजन को देखते हुए सभी को शासन के दिए गये निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को कहा। उन्होने कहा कि कोई भी कार्य समय से सीमा के उपरान्त लम्बित न रहे। भूलेख अनुभाग में कृषक दुर्घटना की पत्रावलियों का निरीक्षण किया।
डॉक्टर रुपेश कुमार द्वारा जिलाधिकारी न्यायालय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, वित्त एवं राजस्व, न्यायिक के न्यायालयों का निरीक्षण कर उन्होने निर्देश दिए कि पुराने वादों को दिन-प्रतिदिन की तिथि देकर यथाशीघ्र निस्तारित किया जाए। 05 वर्ष से अधिक पुराना कोई भी वाद लम्बित न रहे।
मण्डलायुक्त द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त की गयी। भूलेख में रिकॉर्ड व्यवस्थित ढंग से पाए गये। उन्होने सेवा पुस्तिकाओं का निरीक्षण किया जिसमें सभी अद्यतन इन्ट्रियां उल्लेखित थी।
उसके उपरांत मंडलायुक्त ने तहसील सदर का निरीक्षण किया। तहसील सदर में साफ सफाई दुरुस्त पाई गई। उन्होंने न्यायालय उपजिलाधिकारी, न्यायालय तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग, भू अभिलेखागार रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। विवादित एवं अविवादित पत्रावली की यथास्थिति को जाना। 34 के संबंध में शीघ्र तिथिवार वादों का निस्तारण करने के लिए कहा। उन्होने नायब तहसीलदार नगर से पुरानी पत्रावली फाइलों को देखकर प्रतिदिन सुनवाई करते हुए वाद को निस्तारित करने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों का रख-रखाव ठीक पाया गया। समस्त फाईलों को परगना वार अद्यतन किया गया था। उन्होने निर्देश दिए कि वरासत से संबंधित मामले लम्बित न रहे तथा गांव में चौपाल लगाई जाए। संग्रह कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होने नक्शे को देखकर अमीन वार विवरण को भी देखा। कम्प्यूटर के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली को देखकर संतुष्टि प्रकट की। संग्रह अभिलेखागार में कैश बुक एवं वूसली की रसीदों को चैक किया।
मण्डलायुक्त ने रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग कक्ष में रजिस्टर मालिकान का अवलोकन किया तथा रजिस्टर से खतौनी का भी मिलान कर देखा सही पाया गया। न्यायालय तहसीलदार कक्ष में केस डायरी तथा सबसे पुरानी पत्रावली का निरीक्षण किया गया। उन्होने कहा कि वादों का यथाशीघ्र निस्तारण किया जाए। लेखपालों कार्मिकों की जीपीएफ एवं सेवा पुस्तिका को देखते हुए संबंधित लिपिक को निर्देश दिए कि जीपीएफ तथा सेवा पुस्तिका मेंटेन रखी जाएं।
विकासखंड बलियाखेड़ी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि विकासखंड परिसर में खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण सहित फूलों के पौधे रोपित कर सौंदर्यीकृत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री संतोष बहादुर सिंह, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री सलिल कुमार पटेल, उप जिलाधिकारी सदर श्री सुबोध कुमार, तहसीलदार सदर श्री जसमेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
