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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमजोर तबके को नि:शुल्क विधिक सहायता देने के लिए हमेशा तत्पर: श्रीमती सुमिता

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमजोर तबके को नि:शुल्क विधिक सहायता देने के लिए हमेशा तत्पर: श्रीमती सुमिता
  • सहारनपुर में पुलिस लाइन सभागार में कार्यशाला को सम्बोधित करती विधिक प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सुमिता।

सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिला जज सर्वेश कुमार के मार्ग दर्शन में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी माह नवम्बर के एक्शन प्लान 2020 के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहारनपुर सचिव/न्यायिक अधिकारी (वरिष्ठ) श्रीमती सुमिता द्वारा पुलिस लाईन सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें गुमशुदा बच्चों के प्रति पुलिस सवर्ग से संवेदनशीलता व सक्रियता की अपील की। बच्चे देश के भविष्य है उनके अधिकार उन्हें मिल सके और वे किसी गलत व्यवसायों में न फसें इसके लिए पुलिस सवर्ग को जिम्मेदार नागरिक का फर्ज अदा करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। आकड़े बताते है कि प्रति 8-12 मिनट में एक बच्चे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होती है

बचपन बचाओ आन्दोलन विधि व्यवस्था मेें सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देशित किया है कि ज्वेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के निहित प्रावधानों का पालन करना चाहिए। गुमशुदा बच्चों के अद्यतन फोटोग्राफ को सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा सर्कुलेट करें ताकि समाज के लोग उनके प्रति जानकारी रखें और पुलिस की हर संभव सहायता कर सकें। पोक्सो एक्ट के पीडित बालक/बालिका का चिकित्सीय परीक्षण नियत अवधि के अन्दर करा लेना चाहिए तथा उनका धारा-164 सीआरपीसी के तहत बयान न्यायालय में 24 घण्टे के अन्दर कराने के सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा पूर्व में निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रत्येक थाना के प्रभारी, गुमशुदा बच्चो के माता पिता को कानूनी सहायता नि:शुल्क रूप से प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहारनपुर में भेज सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमजोर तबके को नि:शुल्क विधिक सहायता देने के लिए हमेशा तत्पर है।

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