कोविड में माता-पिता को खोने वाले बच्चों को किए प्रमाण पत्र व पासबुक वितरित

कोविड में माता-पिता को खोने वाले बच्चों को किए प्रमाण पत्र व पासबुक वितरित
  • सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल सम्बोधन सुनते जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण।

सहारनपुर [24CN]। कोविड-19 महामारी की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की प्रथम वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह द्वारा छह बच्चों को डाकघर में उनके नाम से खोले गए खातों में 10-10 लाख रूपए की धनराशि हस्तांतरित करने की पासबुक, आयुष्मान कार्ड व प्रधानमंत्री द्वारा बच्चों के नाम जारी किया गया पत्र व पीएम केयर का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल सम्बोधित करते हुए बच्चों को योजना सम्बंधी सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नि:शुल्क स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण की सहायता, शिक्षा ऋण के ब्याज का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा, 18 वर्ष की आयु तक आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा, व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर 23 वर्ष की आयु तक मासिक वित्तीय सहायता, 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर पीएम केयर्स से 10 लाख रूपए की एकमुश्त सहायता, कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों के लिए 20 हजार रूपए प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण के लिए कर्मा छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा के लिए स्वनाथ छात्रवृत्ति तथा 50 हजार रूपए की अनुगृह राशि शामिल है। जनपद में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्र सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि, लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जिला पंचायत चेयरमैन मांगेराम, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, उपनिदेशक महिला कल्याण पुष्पेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती मीनू सिंह व बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार की मौजूदगी में छह बच्चों को डाकघर में उनके नाम से खोले गए खातों में 10-10 लाख रूपए की धनराशि हस्तांतरित करने की पासबुक, 5 लाख रूपए तक की सीमा का आयुष्मान हैल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री द्वारा बच्चों को उनके नाम से जारी पत्र तथा स्नेह पत्र प्रदान किया।