दिल्लीवासियों को आज से नहीं मिलेगी बिजली सब्सिडी, केजरीवाल सरकार ने बताई ये वजह

दिल्लीवासियों को आज से नहीं मिलेगी बिजली सब्सिडी, केजरीवाल सरकार ने बताई ये वजह

नई दिल्ली: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने फ्री बिजली सब्सिडी पर रोक लगाने की घोषणा की है. इसे लेकर दिल्ली सरकार की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को कहा कि एक ऐसे मुद्दे पर आज चर्चा करने जा रही हूं, जोकि 46 लाख परिवारों से जुड़ा हुआ है. दिल्ली में आज यानी शुक्रवार को 46 लाख परिवारों की बिजली सब्सिडी रुक जाएगी. यानी जो बिजली में अभी तक दिल्ली वासियों को सब्सिडी मिलती थी वो आज से नहीं मिलेगी और अब उनके बिल बढ़ कर आएंगे. इस पर एलजी हाउस ने दिल्ली सरकार के आरोपों को निराधार बताया है.

ऊर्जा मंत्री आतिशी ने फ्री सब्सिडी पर रोक के लिए उपराज्यपाल को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि एलजी साहब ने सब्सिडी की फाइल अपने पास दबा रखी है, उसे नहीं दे रहे हैं. दिल्ली सरकार के पास सब्सिडी देने के लिए पैसा है, लेकिन फाइन न होने की वजह से हम सब्सिडी नहीं दे पा रहे हैं. यही वजह है कि हमने इस मुद्दे पर एलजी से मुलाकात का समय मांगा है, लेकिन उनके यहां से अभीतक मिलने का समय नहीं दिया गया है, जबकि समय मांगे हुए 24 घंटे से अधिक का वक्त बीत चुका है.

उन्होंने कहा कि मुझे एलजी साहब मिलने का समय तो नहीं दे रहे हैं, इसलिए मैं मीडिया के माध्यम से उपराज्यपाल से निवेदन करती हूं कि वो दिल्ली वासियों की बिजली सब्सिडी न रोके, क्योंकि इसी दिल्ली में त्राहि त्राहि हो जाएगी. एलजी के यहां कुछ दिन फाइल भेजे हो गए हैं. मामला बेहद गंभीर है, इसलिए मैंने उनसे मिलने का समय मांगा है, लेकिन मुझे अभी तक कोई समय नहीं मिला. हमने एलजी साहब से सिर्फ 5 मिनट का समय मांगा है, जो अभी तक नहीं दिया गया है.

दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा कि क्या एक मंत्री को एलजी साहब 5 मिनट का समय नहीं दे सकते हैं, ऐसे कैसे सरकार चलेगी? आतिशी ने 6 सालों के ऑडिट न होने पर कहा कि एलजी साहब तो ऐसे कह रहे हैं जैसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. हमने ऑडिट कराने के लिए एलजी साहब से फाइल मांगी, लेकिन वो हमें फाइल नहीं दी गई. क्योंकि हमें कुछ बिजली कंपनियों पर शक हुआ, जिनके ऑडिट के लिए हमने कहा, लेकिन उन फाइल्स को अधिकारी दबा कर रखते हैं और मांगने पर नहीं देते. हम ऑडिट कराने के पक्ष में हैं.

एलजी हाउस के सूत्रों के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री को सलाह है कि वे एलजी के खिलाफ अनावश्यक राजनीति और निराधार झूठे आरोपों से बचें. उन्हें झूठे बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद करना चाहिए. अगर उन्हें और सीएम को दिल्ली की जनता को जवाब देना चाहिए कि इस संबंध में फैसला 4 अप्रैल तक क्यों लंबित रखा गया? जबकि समय सीमा 15 अप्रैल थी? एलजी को 11 अप्रैल को ही क्यों फाइल भेजी गई? और 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर और आज प्रेस कांफ्रेंस करके नाटक करने की क्या जरूरत थी, जब एलजी ने फाइल को मंजूरी दे दी थी?