शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता पर आज आएगा फैसला, CM शिंदे की कुर्सी बचेगी या जाएगी?

शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता पर आज आएगा फैसला, CM शिंदे की कुर्सी बचेगी या जाएगी?
  • करीब डेढ़ साल पहले शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के बाद ही शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित उनके साथ गए 39 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट चला गया था। शिंदे गुट ने भी उद्धव ठाकरे के साथ बचे रहे 14 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी।

मुंबई। महाराष्ट्र में आज (10 जनवरी) उद्धव ठाकरे बनाम एकनाथ शिंदे विवाद में फैसला आना है। विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर शिवसेना विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। स्पीकर का ये फैसला आज शाम चार बजे आ सकता है। इससे पहले महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चल रही सरकार स्थिर रहेगी।

डेढ़ साल पहले एकनाथ शिंदे ने की थी बगावत

करीब डेढ़ साल पहले शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के बाद ही शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित उनके साथ गए 39 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट चला गया था। शिंदे गुट ने भी उद्धव ठाकरे के साथ बचे रहे 14 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। कुछ माह बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला करने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को सौंप दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी तक समय दिया था

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल को एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा दायर क्रॉस-याचिकाओं पर फैसला करने के लिए 10 दिन का समय दिया था।

शीर्ष अदालत ने पहले स्पीकर से अयोग्यता याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक फैसला करने को कहा था, लेकिन बाद में 10 जनवरी 2024 तक समय को बढ़ा दिया था। शीर्ष अदालत शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट और राकांपा के शरद पवार गुट द्वारा दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कुछ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए स्पीकर को निर्देश देने की मांग की गई थी।

उद्धव गुट ने किया बड़ा दावा

शिवसेना (उद्धव गुट) शुरू से ही दावा करता आ रहा है कि यह फैसला आते ही राज्य में शिंदे सरकार गिर जाएगी, जबकि राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार स्थिर रहने का भरोसा जताते हुए कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष उचित एवं कानून सम्मत निर्णय करेंगे। भाजपा एवं शिवसेना के शिंदे गुट द्वारा बनाई गई सरकार कानूनी रूप से मजबूत है। हमारा पक्ष मजबूत है। हमें विधानसभा अध्यक्ष से न्याय मिलने का भरोसा है। इसलिए, हमारी सरकार कल भी स्थिर थी और आगे भी स्थिर रहेगी, लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) अभी से विधानसभा अध्यक्ष पर अविश्वास जताने लगा है।

दोनों गुटों के इन विधायकों पर मंडरा रहा अयोग्यता का खतरा

शिंदे गुट – एकनाथ शिंदे, संजय शिरसत, भरत गोगावले, संदीपन भुमरे, तानाजी सावंत, अब्दुल सत्तार, लता सोनावाने,यामिनी जाधव, प्रकाश सूर्वे, अनिल बाबर, बालाजी किन्नीकर, महेश शिंदे, चिमनराव पाटिल, रमेश बोरनारे, संजय रायमुल्कर और बालाजी कल्याणकर। इनके अलावा और भी कई विधायकों के खिलाफ ठाकरे गुट ने अयोग्यता की मांग की है।

ठाकरे गुट – सुनील प्रभु, रविंद्र वाईकर, सुनील राउत, वैभव नाइक, अजय चौधरी, संजय पटनीस, प्रकाश फाटेरपेकर, रमेश कोरगांवकर, राजन विचारे, नितिन देशमुख,कैलाश पाटिल और राहुल पाटिल हैं। सिर्फ दो विधायकों – आदित्य ठाकरे और रुतुजा लाटके के खिलाफ ही अयोग्यता का प्रस्ताव नहीं आया है।