दारुल उलूम देवबंद के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक संभली का इंतकाल

देवबंद: विश्व विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के नायब मोहतमिम और संस्था के वरिष्ठ उस्ताद-ए-हदीस मौलाना अब्दुल खालिक संभली का लंबी बीमारी के चलते शुक्रवार को करीब 72 साल की उम्र में शाम 4:00 बजे मुजफ्फरनगर के एक अस्पताल में इंतकाल हो गया है। उनके इंतकाल की खबर से दारुल उलूम देवबंद समेत इस्लामिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
मौलाना अब्दुल खालिक संभली दारुल उलूम देवबंद के वरिष्ठ उस्तादों में थे वह पिछले कई सालों से दारुल उलूम देवबंद के उच्च पद नायब मोहतमिम की जिम्मेदारियां भी अंजाम दे रहे थे। मौलाना संभली पिछले करीब 30 सालों से दारुल उलूम देवबंद में शिक्षण कार्य कर रहे थे।
उनके दुनिया भर में हजारों शागिर्द हैं और समाज में भी मौलाना को बहुत इज्जत और अदब की निगाह से देखा जाता था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मौलाना अब्दुल खालिक उलेमा और छात्रों के साथ-साथ आवाम में भी बहुत मकबूल शख्सियत थे।
उनके निधन पर दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, जमीअत उलमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी समेत दारुल उलूम देवबंद और देश के नामवर लोगों और उलेमा ने गहरे दुख का इजहार करते हुए उनके इंतकाल को इस्लामी जगत और दारलूम देवबंद के लिए बड़ा नुकसान बताया।