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प्रवासी मजदूरों के साथ गांवों तक पहुंच गया कोरोना वायरस, तेजी से बढ़ने लगे मामले

प्रवासी मजदूरों के साथ गांवों तक पहुंच गया कोरोना वायरस, तेजी से बढ़ने लगे मामले

 

  • प्रवासी मजदूरों की वापसी के साथ ग्रामीण इलाकों तक पहुंचा कोरोना वायरस
  • देश में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले, अब रोज 9000 के करीब मिल रहे हैं मरीज
  • कई राज्यों में मजदूरों की वापसी से कोरोना मामलों में 30-80% का उछाल
  • उत्तर प्रदेश के कुल ऐक्टिव केसों में से करीब 70 फीसदी प्रवासी मजदूरों से जुड़े

नई दिल्ली
कोरोना वायरस (Corona Virus in India) को लेकर देश का जो सबसे बड़ा डर था, वह अब धीरे-धीरे सही साबित होता दिख रहा है। केंद्र से लेकर राज्य सरकारों को इस बात का डर था कि कोरोना वायरस शहरों तक रहे और गांवों (Corona Cases in Rural Areas) में इसका प्रसार न होने पाए। घनी आबादी वाले गांवों में कोरोना वायरस पहुंचने का मतलब था कि इस बीमारी का बेकाबू होना तय है और मामलों में तेजी से उछाल आएगा। हालांकि प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) की वापसी के साथ यह डर सच साबित होता नजर आ रहा है और कोरोना के रोजाना आने वाले मामलों में भी तेजी से उछाल देखने को मिला है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई राज्यों में प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद से कोरोना मामलों में 30 से 80 फीसदी का उछाल देखा गया है। बुधवार को हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवासियों की वापसी के साथ राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के कुल मामले शहरी क्षेत्रों में मुकाबले ज्यादा हो गए हैं।


देश के ज्यादातर राज्य अब इस ट्रेंड की चपेट में

चिंता की बात है कि यह ट्रेंड सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है। आंध्र प्रदेश में एक महीने पहले तक कोरोना के करीब 90 फीसदी मामले शहरी क्षेत्रों से ही मिल रहे थे। हालांकि अब ग्रामीण इलाकों से भी तेजी से केस सामने आने लगे हैं। अधिकारी इसके पीछे प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को जिम्मेदार मानते हैं।

ओडिशा के कोरोना मुक्त जिले में हो गए 499 मरीज

ओडिशा में अब तक करीब 4.5 लाख मजदूर दूसरे राज्यों से वापस आए हैं। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में 80 फीसदी कोरोना केस अब ग्रामीण इलाकों के ही हैं। समस्या का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि जिस गंजम जिले में 2 मई तक कोरोना का एक भी केस नहीं था वहां अब 499 मामले हैं और 3 मरीजों की मौत हो चुकी है।

यूपी के ऐक्टिव केसों में 70 फीसदी प्रवासी मजदूरों के
उत्तर प्रदेश में करीब 30 लाख प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से वापस आए हैं। ऐक्टिव मामलों को देखें तो बस्ती और अमेठी जैसे छोटे जिले क्रमशः दूसरे और तीसरे पायदान पर आ गए हैं। 2 जून तक बस्ती में कोरोना के ऐक्टिव मामलों की संख्या 183 थी और अमेठी में ऐक्टिव केस 142 थे। यूपी के आंकड़ों से साफ है कि प्रवासी मजदूरों की वापसी के साथ कैसे कोरोना के मामलों में तेजी आई है। 2 जून तक राज्य के 3324 ऐक्टिव मामलों में से 70 फीसदी प्रवासी मजदूरों से जुड़े थे।

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