सरकार को बदनाम करने के लिए रचा गया सहारनपुर हिंसा का षड्यंत्र, एक पार्टी ने हिंसा भड़काने को खर्च किये 50 लाख

 
  • पूरे उत्तर प्रदेश में हिंसा भड़काने की थी तैयारी

नई दिल्ली [दिग्विजय त्यागी]। यूपी के सहारनपुर में जातीय हिंसा अचानक से नहीं हुई, इसकी पूरी प्लानिंग की गई थी। हिंसा एक राजनीतिक षडयंत्र के तहत किया गया। अभी तक जो खूफिया रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक भाजपा के प्रति दलितों के बढ़ते लगाव को रोकने के लिए एक राजनीतिक दल ने यह पूरा षड्यंत्र रचा। ताकि दलितों के भाजपा के प्रति रुझान को रोका जा सके।

राजनीतिक षडयंत्र के तहत हुई सहारनपुर की हिंसा
राजनीतिक षडयंत्र का परिणाम है। एक राजनीतिक दल ने इस पूरी हिंसा को प्लान किया है। उस राजनीतिक दल ने इस हिंसा को कराने के लिए 50 लाख रुपए खर्च किए। खूफिया रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि वो राजनीतिक दल चाहता है कि सहारनपुर में हिंसा जारी रहे। ताकि सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार पर ये आरोप लगे कि यूपी में दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।

भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर की गिरफ्तारी जल्द
यूपी के मुख्य गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा के मुताबिक सहारनपुर में जातीय संघर्ष देखा गया वो एक सोची समझी साजिश थी। एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में सहारनपुर और आस पास के जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं लेकिन जिस तरीके की हिंसा इस बार हमने देखा वैसा पहले नहीं देखा गया। मणि प्रसाद मिश्रा ने सहारनपुर में 20 अप्रैल, 5 मई, 9 मई और 23 मई को हुई घटनाओं का जिक्र किया। मणि प्रसाद मिश्रा ने बताया कि 20 अप्रैल की हिंसा के बाद एक के बाद एक कई घटनाए सामने आई हैं। इस मामले में स्थानीय पुलिस की तरफ से भी कोताही बरतने की बात सामने आई है। वहीं मुख्य गृह सचिव ने कहा कि भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर को जल्दी ही गिरफ्तारी किया जाएगा।


यूपी सरकार को बदनाम करने की साजिश
सहारनपुर हिंसा मामले में एक राजनीतिक दल की भूमिका संदिग्ध है अभी तक जो रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक पूरी हिंसा की प्लानिग की गई थी जिसका मकसद यूपी सरकार को बदनाम करना है। 5 मई को राजपूतों और दलितों के बीच विवाद के बाद सहारनपुर में हिंसा ने बड़ा रुप ले लिया था। जिसके बाद से पुलिस- प्रशासन सहारनपुर में हालात सामान्य करने में लगा है। पूरी कोशिश के बाद भी मामला शांत नहीं हो पा रहा है क्योंकि इसके पिछे बड़ा राजनितिक खेल है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जो 50 लाख रुपए इस हिंसा को कराने में खर्च किए गए वो कहां से और कैसे आए।

पूरे यूपी में हिंसा भड़काने की थी तैयारी
इंटेलिजेंस ब्यूरो सहारनपुर हिंसा के बारे में सूचनाएं और तथ्य इक्टठा करने की कोशिश कर रहा है। एक अधिकारी के मुताबिक सहारनपुर हिंसा के बाद चेन बनाकर पूरे यूपी में हिंसा भड़काने की तैयारी थी। सहारनपुर हिंसा में बाहरी लोगों ने बड़ी भूमिका निभाई है वो कौन लोग है पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है। सहारनपुर हिंसा की शुरुआत 5 मई को एक जुलूस को लेकर दलित और राजपूत समुदाय के बीच हुई झड़प से हुई थी। उस झड़प में एक ठाकुर युवक की मौत हो गई थी जिसके बाद राजपूतों ने दलितों के घरों में आगजनी की थी।

Conspiracy of Saharanpur violence created to defame government
 
 

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