अमित शाह से जुड़े मानहानि केस में पेश हुए राहुल गांधी, दर्ज कराया बयान, प्रियंका बोलीं- परेशान किया जा रहा है…
सुलतानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मानहानी केस में सुल्तान के एमपी-एमएलए कोर्ट में बयान दर्ज कराया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को कोर्ट में पेश हुए. इस मामले को लेकर पार्टी महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी को परेशान किया जा रहा है.
झूठा केस डालकर परेशान किया गया: प्रियंका गांधी
असम दौरे पर गईं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘राहुल गांधी पर झूठा केस डालकर परेशान किया गया है. हमलोग बहुत साल से ये सब सह रहे हैं. जो सच के साथ खड़ा है सरकार उसको ईडी और सीबीआई के जरिए निशाना बना रही है.’ राहुल गांधी की यह पेशी तब हुई, जब वे 19 जनवरी को सुल्तानपुर स्थित एमएलए-एमपी कोर्ट में पिछली सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके चलते कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की थी.
क्या है पूरा मामला?
मानहानि का यह मामला अक्टूबर 2018 में सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात के हनुमानगंज क्षेत्र से बीजेपी के स्थानीय सदस्य विजय मिश्रा ने दायर किया था. विजय मिश्रा ने आरोप लगाया कि अगस्त 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी.
शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी ईमानदारी और स्वच्छ राजनीति के प्रति प्रतिबद्धता का दावा करती है, लेकिन इसका नेतृत्व एक ऐसे पार्टी अध्यक्ष की ओर से किया जा रहा है जो हत्या के मामले में आरोपी है. सुल्तानपुर की अदालत ने फरवरी 2024 में इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी थी.
असम के सीएम पर भड़कीं प्रियंका गांधी
असम विधानसभा चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘हमने असम की जनता से बात की है. जनता देख रही है कि कैसे असम की सारी संपत्ति, असम के लोगों की संपत्ति, बड़े-बड़े उद्योगपतियों को दी जा रही है. यहां के लोग यह जानते हैं.’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर उन्होंने कहा, ‘चुनाव के समय दो तरह के नेता होते हैं एक जो बताते हैं कि वे जनता के लिए क्या करना चाहते हैं. दूसरे, ध्रुवीकरण कराओ, एक-दूसरे से लड़ाओ, किसी के परिवार पर आक्रमण करो, हमारी यह राजनीति न कभी रही है और न रहेगी. जिस तरह गौरव गोगोई और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है मुझे लगता है कि यह एक उदाहरण होना चाहिए कि ऐसी राजनीति गलत है.’
