कांग्रेस के हाथ से फिसले अपने ही विधायक! राज्यसभा चुनाव में बिगाड़ा खेल, कहीं अनरिच हुए तो कहीं की क्रॉस वोटिंग

कांग्रेस के हाथ से फिसले अपने ही विधायक! राज्यसभा चुनाव में बिगाड़ा खेल, कहीं अनरिच हुए तो कहीं की क्रॉस वोटिंग

नई दिल्ली:  राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों ने देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के कुनबे की पोल खोलकर रख दी है। पार्टी के अंदरुनी हालात  राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई घटना से साफतौर पर उजागर होते हैं। बिहार में जहां कांग्रेस के तीन विधायक अचानक से गायब हो गए। उनका फोन अनरिच हो गया वहीं ओडिशा और हरियाणा में क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की फजीहत हो गई। इस घटना ने कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। पार्टी का आंतरिक अनुशासन ताश के पत्तों की तरह बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

बिहार में गायब हो गए कांग्रेस के तीन विधायक

सबसे पहले बात करते हैं बिहार की। यहां महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह को समर्थन देने का फैसला किया था। हालांकि इस सीट पर कांटे की टक्कर थी लेकिन वोटिंग के दिन जो हुआ उसने कांग्रेस नेतृत्व को सकते में ला दिया। पार्टी के तीन विधायक वोटिंग के दिन गैरहाजिर रहे। इन तीन विधायकों के गायब होने से विपक्षी खेमे को झटका लगा जबकि इसका फायदा सीधे तौर पर एनडीए उम्मीदवार को मिला। बाद में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम यह कहते हुए नजर आए कि पता ही नहीं चला कि हमारे विधायकों को कब बीजेपी ने चुरा लिया।

ओडिशा में तीन विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

ओडिशा में जहां नवीन पटनायक की बीजेडी की ओर से बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई वहीं कांग्रेस भी इससे अछूती नहीं रह सकी। यहां बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में कांग्रेस के कम से कम तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। यह पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है। नवीन पटनायक के ढहते किले के बीच कांग्रेस भी अपने आधार को बचा पाने में विफल साबित हो रही है।

हरियाणा में कांग्रेस का सारा खेल गड़बड़ हुआ

उधर, हरियाणा में कांग्रेस के दिग्गज नेता विधायकों को एकजुट रखने के लिए कमान संभाले हुए थे। शिमला और कसौली के रिजॉर्ट्स तक में घेराबंदी की गई लेकिन वोटिंग के दौरान सारा खेल गड़बड़ हो गया। पांच विधायकों द्वारा पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट करने की खबरों ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पार्टी को इससे ऐसा सदमा लगा कि अब चुनाव आयोग का दरवाजा तक खटखटाना पड़ा लेकिन तबतक बाजी हाथ से निकल चुकी थी।

कांग्रेस के लिए बड़ा झटका

इन तीनों राज्यों  में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान हुई घटना कांग्रेस के लिए काफी गंभीर है। इससे कांग्रेस अध्यक्ष मल्किार्जुन खरगे के नेतृत्व के साथ ही राज्य नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होते हैं कि आखिर देश की सबसे पुरानी पार्टी और लंबे अर्से तक सत्ता में रहने वाली पार्टी के अंदर ऐसी अनुशासनहीनता क्यों है? सवाल यह भी उठता है कि क्या कांग्रेस इन बागियों के खिलाफ एक्शन लेगी?

शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगे बिहार कांग्रेस अध्यक्ष

बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने तो कहा दिया कि बीजेपी ने उनके विधायकों को चुरा लिया। उनका कहना था कि 13 मार्च तक सबकुछ सामान्य था, सभी विधायकों से बात हो रही थी। लेकिन 13 मार्च के बाद अचानक से चीजें बदलने लगी और हमारे विधायक अनरिच हो गए। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करने के बाद ही इन विधायकों पर कोई फैसला लिया जाएगा।

ओडिशा में कांग्रेस के तीन विधायक सस्पेंड

वहीं, ओडिशा में कांग्रेस ने कड़ा फैसला लेते हुए बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोटिंग करनेवाले अपने तीन विधायकों को मंगलवार को निलंबित कर दिया। पार्टी की ओर जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। जिन विधायकों के खिलाफ पार्टी ने एक्शन लिया है उनमें सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहना के दशरथी गोमांगो और बाराबती-कटक की सोफिया फिरदौस शामिल हैं। कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”जो लोग कांग्रेस के साथ विश्वासघात करते हैं, वे राष्ट्र के साथ विश्वासघात करते हैं।”

हरियाणा में नोटिस जारी करने की तैयारी

उधर, हरियाणा में क्रॉस-वोटिंग करने वाले अपने विधायकों को कांग्रेस नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है। साथ ही पार्टी ने इन विधायकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ करीबी मुकाबले में दूसरी सीट जीत ली। बौध की जीत मामूली अंतर से हुई है। इस बीच आरोप लगे कि पांच कांग्रेस विधायकों ने कथित रूप से क्रॉस-वोटिंग की।


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