‘स्वतंत्र देव सिंह का एक नाम कांग्रेस सिंह भी’ सतीश महाना की बात पर यूपी विधानसभा में लगे ठहाके

‘स्वतंत्र देव सिंह का एक नाम कांग्रेस सिंह भी’ सतीश महाना की बात पर यूपी विधानसभा में लगे ठहाके

यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वतंत्र देव सिंह को लेकर ऐसा बयान दे दिया जिससे पूरा सदन हंसी से गूंज उठा. लखनऊ में चल रहे सत्र में उन्होंने स्वतंत्र देव सिंह का परिचय देते हुए उनका पुराना नाम ‘कांग्रेस सिंह’ बता दिया. यह टिप्पणी सुनते ही सदन में ठहाके लगने लगे और खुद मंत्री भी मुस्कुराते नजर आए.

क्या हुआ सदन में?

अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वतंत्र देव सिंह का परिचय देते हुए कहा कि वह बीजेपी के टिकट पर वर्तमान विधान परिषद में तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं. उन्होंने उनके जन्म, शिक्षा और राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया. इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि स्वतंत्र देव सिंह का एक नाम ‘कांग्रेस सिंह’ भी है.

यह सुनते ही सदन में मौजूद सदस्य हंस पड़े. खुद स्वतंत्र देव सिंह भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. माहौल कुछ देर तक हल्का और खुशनुमा बना रहा. अध्यक्ष ने फिर उनसे पूछा कि यह नाम पहले था या अब है, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि यह नाम पहले था. इसके बाद कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी.

अध्यक्ष सतीश महाना का अंदाज

सतीश महाना अपने अलग अंदाज के लिए पहले भी चर्चा में रह चुके हैं. हंसी-मजाक में बात रखने के लिए जाने जाते हैं. नाराजगी जताने में भी स्पष्ट रुख अपनाते हैं. इसके कुछ दिन पहले हंगामे के दौरान हेडफोन फेंककर सदन से बाहर जा चुके हैं. उनका यह अंदाज कई बार सदन की कार्यवाही को चर्चा का विषय बना देता है.

कौन हैं स्वतंत्र देव सिंह?

स्वतंत्र देव सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति का जाना पहचाना चेहरा हैं. वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और वर्तमान में राज्य सरकार में जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनका राजनीतिक सफर संगठन से शुरू होकर सरकार तक पहुंचा है.

बताया जाता है कि उन्होंने 1986 में एक दैनिक अखबार में रिपोर्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. बाद में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और फिर बीजेपी में सक्रिय राजनीति करने लगे. उनके बचपन का नाम ‘कांग्रेस सिंह’ था, जिसे बीजेपी में शामिल होने के बाद बदलकर स्वतंत्र देव सिंह कर लिया गया. यही कारण रहा कि अध्यक्ष ने सदन में उन्हें उसी पुराने नाम से संबोधित कर माहौल हल्का कर दिया.


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