
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
- सहारनपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते कांग्रेसजन।
सहारनपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज 30 जनवरी 2026 को जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में महानगर कांग्रेस कार्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मनीष त्यागी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष मुजफ्फर अली ने महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने सदैव दबे-कुचले, गरीब, मजदूर और दलित वर्ग की आवाज को बुलंद किया और उनका संदेश देश-विदेश तक पहुँचा। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा गरीब मजदूरों के हित में चलाई गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर सरकार ने केवल दिखावटी राजनीति की है। नाम बदलने से मजदूरों की हालत नहीं सुधरती, जरूरत इस बात की है कि योजना को सही ढंग से लागू किया जाए और मजदूरों को समय पर तथा बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी गरीब मजदूर अपनी मजदूरी के लिए भटक रहे हैं। राहुल गांधी से मिलने वाले मजदूर लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा और सरकार ने अभी तक योजना को पूरी तरह शुरू नहीं किया है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में गरीबों के हित में काम करना चाहती है तो नाम बदलने के बजाय काम करके दिखाए। इस दौरान सरकार द्वारा लाए गए विभिन्न कानूनों पर भी सवाल उठाए गए। नेताओं ने कहा कि पहले कृषि कानून लाए गए, जिन्हें विरोध के बाद वापस लेना पड़ा और अब यूजीसी जैसे कानून लाकर देश में भ्रम और अशांति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना सर्वसम्मति के कानून लाकर समाज को बांटने का काम कर रही है। महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि सरकार कभी धर्म के नाम पर तो कभी किसानों और छात्रों के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करना चाहती है। यदि ऐसे कानून लागू हो जाते तो उत्तर प्रदेश का माहौल बिगड़ सकता था। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महात्मा गांधी के विचारों पर चलने और लोकतंत्र, भाईचारे तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
