कांग्रेस नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट, विधानसभा घेराव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
- सहारनपुर में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस पदाधिकारी।
सहारनपुर। मनरेगा योजना का नाम बदलने तथा अन्य जनसमस्याओं को लेकर प्रस्तावित विधानसभा घेराव आंदोलन से पहले प्रशासन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मनीष त्यागी ने महानगर कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा जनहित के मुद्दों पर किए जा रहे आंदोलनों को रोकने के लिए नेताओं को हाउस अरेस्ट किया जा रहा है, जो सरकार की घबराहट को दर्शाता है।
मनीष त्यागी ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी और कोरोना काल में इस योजना ने लाखों श्रमिकों को सहारा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनता के अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी स्थिति में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सैनी, मयंक शर्मा, खालिद अंसारी, गणेश दत्त शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
