‘भारत गायब, यह कबूल नहीं’, ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भड़की कांग्रेस
New Delhi : ईरान और अमेरिका जंग रोकने के लिए बातचीत पर तैयार हो गए हैं. यूएस प्रेसिडेंट ने दावा किया है कि तीन देश इसकी मध्यस्थता कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने देशों का नाम नहीं लिया था, लेकिन Axios की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान मध्यस्थता करने वाले देशों में शामिल है. इस बीच कांग्रेस का रिएक्शन सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि भारत बातचीत की टेबल से गायब है, जोकि पूरी तरह अस्वीकार्य है.

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भड़की कांग्रेस
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘यह सरासर अस्वीकार्य है कि आतंकवाद के गढ़ पाकिस्तान को इस संकट को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल किया गया है, लेकिन भारत इसमें गायब है.’
तीन मुस्लिम देश बने मध्यस्थ
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के ‘दूसरे’ सर्वोच्च नेता के साथ बातचीत नहीं कर रहा है. ईरान ने पहले अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वार्ता जारी है. एक्सियोस समाचार वेबसाइट ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तुर्किए, मिस्र और पाकिस्तान कर रहे हैं. इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की.
पाकिस्तान की जमीन पर मध्यस्थता: रिपोर्ट
ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने रविवार को अपने ईरानी समकक्षों से बात की. हालांकि, ट्रंप ने यह बताने से इनकार कर दिया कि विटकॉफ किससे बात कर रहे थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है.
