कांवड़ के सावन में स्वच्छता संग सेवा भी
- सहारनपुर में शिविर में प्रतिभाग करते छात्र-छात्राएं।
सहारनपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छता ही सेवा अभियान का रूप सिर्फ इतना ही नहीं कि हर कोई झाड़ू हाथ में लेकर निकल पड़े बल्कि ये है कि कचरा साफ हो और देशसेवा भी हो। नेशन बिल्डर्स अकादमी के बच्चों ने इस्तेमाल के लायक न् रहने वाले कचरे से कारगर चीजें बना कर बचपन से ही स्वावलंबन की तरफ बढ़ने और इस्तेमाल के लायक न् रहने वाली चीजों को भी सुन्दर रूप देकर संजो कर रखने लायक बनाने की मिसाल कायम की है।
बेरीबाग स्थित नेशन बिल्डर्स अकादमी में एक हफ्ता चलने वाले स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत कारगर कचरा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए योगगुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण ने अकादमी के संस्थापक व जाने माने शिक्षाविद पं. बिशम्बर सिंह को याद करते हुए कहा कि पंडित जी कहा करते थे, सकल वस्तु संग्रह करे, आये किसी दिन काम। समय पड़े पर ना मिले, माटी खर्चे दाम। उन्होंने कहा कि बच्चों की कला ने ये साबित कर दिया है कि स्वच्छ, सकारात्मक और सृजनात्मक सोच से बेकार हो चुकी चीजों को बेशकीमती बनाया जा सकता है और कचरे के ढेर को भी कम किया जा सकता है। योगगुरु ने फालतू चीजों से बनाए गए आरुषि कक्षा 7 के अनानास और नीतीश के सेविंग बैंक, विशु कक्षा 8 के शो पीस, श्रेया कक्षा छह के ग्लोब, कक्षा पांच आराध्या के गुलदस्ता व प्रगति के एप्लीकेशन बॉक्स और पिहु की वॉल हैंगिंग को सराहा।
इसके साथ ही कृष्णा कक्षा चार की कलात्मक झोंपड़ी, नंद किशोर कक्षा तीन द्वारा बनाई दिनों के नाम की लटकन और सृष्टि का भवन व अर्णव का केदारनाथ मंदिर मॉडल, कक्षा दो शिवानी की अलमारी को देख सभी अचरज में थे कि व्यर्थ की चीजों को अपनी सोच से सुंदर आकार दे कर अर्थ कमाने लायक भी बनाया जा सकता है।
अकादमी की प्रिंसिपल इष्ट शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा को उकेरने में खासकर सुरभि सेठी और यशोदा आदि शिक्षकों को सराहते हुए कहा कि नेशन बिल्डर्स एकेडमी में गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर कांवड़ यात्रा के श्रावण माह में एक सप्ताह चलने वाला स्वच्छता सेवा कार्यक्रम एक ऐसा स्वैछिक यज्ञ है जिसके लिए हर बच्चा प्रतिदिन थोड़ा सा समय देकर आत्म निर्भर होने के साथ स्वास्थ्य व सौंदर्य के साथ भीतर छिपी कला को उकेरने का काम कर सकता है!
