बिहार के अगले CM पर ‘हवा’ में मंथन! एक ही फ्लाइट से दिल्ली पहुंच रहे अमित शाह और ललन सिंह
पटना। पटना की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जदयू के वरिष्ठ नेता तथा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एक ही फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दोनों नेताओं की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।
ऐसे में बिहार की सत्ता को लेकर नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। खासतौर पर बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है
सीएम चेहरे और सरकार के फार्मूले पर चर्चा संभव
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अमित शाह और ललन सिंह के बीच बिहार की अगली सरकार के स्वरूप पर चर्चा हो सकती है। इसमें मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे, उपमुख्यमंत्रियों की संख्या और उनके नामों पर भी मंथन संभव माना जा रहा है।
इसके अलावा राज्यसभा जाने के बाद नीतीश कुमार की नई भूमिका पर भी बातचीत हो सकती है। कहा जा रहा है कि भाजपा और जदयू के बीच सत्ता के नए समीकरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
दोनों नेताओं की इस यात्रा को उसी कड़ी में देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई बयान नहीं आया है।
नीतीश के राज्यसभा जाने से बदले समीकरण
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के विधानमंडल परिसर में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समर्थकों का कहना है कि अब नीतीश कुमार का अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर काम आएगा। उनके राज्यसभा जाने को राजनीतिक जीवन के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में इसे बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
नई सरकार के संकेत तलाश रही सियासत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू हो सकता है। भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की चर्चा भी जोरों पर है।
ऐसे में अमित शाह और ललन सिंह की यह संयुक्त दिल्ली यात्रा कई संकेत दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार में सत्ता के नए चेहरे सामने आ सकते हैं।
हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। फिलहाल बिहार की सियासत की नजर दिल्ली की इस बैठक पर टिकी हुई है।
