पांच हफ्ते बाद 40वें दिन सीजफायर, लाखों बेघर, हजारों मारे गए, पढ़ें ईरान-अमेरिका और इजरायल जंग की पूरी टाइमलाइन
अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का सीजफायर हुआ है. ट्रंप ने इसका ऐलान ऐसे समय में किया, जब कुछ ही घंटों पहले उन्होने ईरान में भारी तबाही और पूरी सभ्यता को खत्म करने की धमकी दी थी. 28 फरवरी से छिड़ी इस जंग में ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करने, खाड़ी देशों में हमले, हूती विद्रोहियों की भागीदारी के बीच भीषण सैन्य संघर्ष देखने को मिला.
बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी धमकियों के बाद दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा हुई है.
अमेरिका-ईरान युद्ध की टाइमलाइन
12 मार्च – नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपना पहला लिखित बयान जारी करते हुए सेना को होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करने की कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया.
छह अमेरिकी सैनिकों की मौत
इराक में KC-135 सैन्य ईंधन भरने वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से छह अमेरिकी क्रू सदस्यों की मौत हो गई. इसके साथ ही युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम से कम 13 हो गई.
13 मार्च – अमेरिकी सेना ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर बड़ा बमबारी अभियान चलाया. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमले में सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया, जबकि तेल सुविधाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. यह द्वीप ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात के लिए जिम्मेदार है.
17 मार्च – इजरायली सेना ने ईरान के दो शीर्ष नेताओं राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारिजानी और बसीज प्रमुख गुलामरेज़ा सुलेमानी को मार गिराया. 28 फरवरी के बाद यह ईरान के नेतृत्व पर सबसे बड़ा झटका माना गया.
18 मार्च – ईरान और अमेरिका के सहयोगियों के बीच खाड़ी क्षेत्र में अहम ऊर्जा ढांचे पर हमले हुए. इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जो देश के 70–75 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उत्पादन का स्रोत है. वहीं, कतर ने दावा किया कि ईरान ने उसके रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यात केंद्र है.
23 मार्च – डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत चल रही है. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली सार्वजनिक कूटनीतिक पहल का संकेत था.
27 मार्च – सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. इसे युद्ध की शुरुआत के बाद अमेरिकी वायु रक्षा में सबसे गंभीर सेंध माना गया.
28 मार्च – यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने युद्ध में शामिल होते हुए इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे बीच में ही रोक लिया गया.
3 अप्रैल – ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के F-15E लड़ाकू विमान को मार गिराया, जिसमें दो क्रू सदस्य सवार थे. एक को उसी दिन सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे को निकालने के लिए दो दिन तक चला जोखिम भरा अभियान चलाया गया. इस युद्ध में पहली बार किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को गिराया गया.
7 अप्रैल- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सभ्यता को ख़त्म करने की धमकी दी.
8 अप्रैल – डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे अपनी जीत बताया.
