बाइक और स्कूटर से चुरा लिया 2.60 लाख किलो चावल, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

 
खास बातें

  • एफसीआई अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टर के साथ मिलकर किया खेल
  • गाड़ियों के जो नंबर दिए वे स्कूटर, बाइक आदि के थे
  • ट्रक खराब होने और दूसरे ट्रक से माल भेजने का फर्जी हलफनामा पेश किया

क्या 16 हजार किलो चावल का परिवहन बाइक और स्कूटर से हो सकता है? आपको यह सुनने में अजीब लगेगा लेकिन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अधिकारियों ने यह कारनामा कर दिखाया। असम में एफसीआई के कुछ अधिकारियों पर निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से मिलकर 2.60 लाख किलो चावल की चोरी करने का आरोप लगा है। दोनों ने 85 लाख रुपये का चावल ट्रकों से ले जाने की बात कागजों में दर्ज की लेकिन गाड़ियों के जो नंबर दिए वे स्कूटर, बाइक आदि के थे।

असम के सालचापरा रेल टर्मिनल से 9,119 क्विंटल (9.19 लाख किलो) चावल 57 ट्रकों से मणिपुर के कोइरेंगेई भेजा गया। सात मार्च से 22 मार्च, 2016 के बीच रवाना हुए ट्रकों को नौ घंटे की (275.5 किमी) दूरी तय करने में दो महीने लगे। निजी ट्रांसपोर्टर जेनिथ इंटरप्राइजेज से जुड़े इन सभी ट्रकों को चावल परिवहन का परमिट जारी किया गया था। एफसीआई की शिकायत पर सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।

कागजों में दर्ज लेकिन पहुंचा नहीं

जांच में पता चला कि 16 ट्रकों से भेजा 85 लाख रुपये का 2601.63 क्विंटल चावल सालचापरा से तो चला लेकिन गंतव्य तक पहुंचा नहीं। हालांकि रिकॉर्ड में चावल कोईरेंगेई पहुंचने की बात दर्ज थी। ट्रांसपोर्टर ने हलफनामा देकर बताया कि रास्ते में ट्रक खराब होने से दूसरे ट्रकों से चावल पहुंचाया गया। इसलिए पहुंचने में देरी हुई। सत्यापन में पता चला कि ट्रकों से उतारकर समान जिन वाहनों में लादा गया कि उनका लाइसेंस नंबर ट्रक का था ही नहीं।

इन नंबरों पर एलएमएल स्कूटर, होंडा एक्टिवा, बाइक, बस, पानी के टैंकर, मारुति वैन, कार और अन्य वाहन पंजीकृत थे। हद तो यह थी कि कुछ ऐसे नंबर भी दिए गए जिनका परिवहन विभाग में पंजीकरण ही नहीं था। गायब चावल में 26,300 किलो स्कूटर और 16,300 किलो बाइक से ले जाने का रिकॉर्ड दर्ज है।

एफआईआर के मुताबिक सालचापरा में एफसीआई अधिकारी आशीष पॉल, रजनीश गुप्ता ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि एल जॉनसन से मिलकर 16 फर्जी वाहनों का परमिट जारी किया। वहीं, कंपनी के अधिकारी सुरजीत सिंह ने ट्रक खराब होने और दूसरे ट्रक से माल भेजने का फर्जी हलफनामा पेश किया।

 
 

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