नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि इजरायल अपनी रक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से निर्णय ले रहा है।

अमेरिका को युद्ध में घसीटने के आरोपों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या किसी को लगता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को समझा सकता है कि उन्हें क्या करना चाहिए? राष्ट्रपति हमेशा वही करते हैं जो अमेरिका के हित में होता है।

अमेरिका के 16 लड़ाकू विमान ढेर

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में अमेरिका को अपनी हवाई शक्ति का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 16 अमेरिकी सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं। इनमें से 10 अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन हैं, जिन्हें ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया है।

एक KC-135 ईंधन टैंकर हवा में ही फट गया

रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआहै कि सबसे ज्यादा नुकसान तकनीकी दुर्घटनाओं और ‘फ्रेंडली फायर’ के कारण हुआ है। कुवैत में मित्र देशों की गलती से हुई गोलीबारी में अमेरिका के तीन F-15 लड़ाकू विमान गिर गए।

वहीं, एक KC-135 ईंधन टैंकर हवा में ही फट गया, जिसमें सवार सभी 6 चालक दल के सदस्य मारे गए। इसके अलावा, सऊदी अरब के एक सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले में 5 अन्य टैंकर विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इजरायली सेना के अनुसार, गुरुवार आधी रात से ठीक पहले ईरान ने एक और बड़ा मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद यरूशलम, मध्य इजरायल और वेस्ट बैंक के इलाकों में चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जिससे नागरिकों में अफरा-तफरी मच गई।