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Bus Hijack! श्रीराम फाइनेंस कंपनी ने आरोपों को नकारा, कहा- 2 साल पहले ही खत्म हो चुका था लोन

Bus Hijack! श्रीराम फाइनेंस कंपनी ने आरोपों को नकारा, कहा- 2 साल पहले ही खत्म हो चुका था लोन

आगराः यूपी के आगरा में बस हाइजैक मामले में बड़ी अपडेट मिली है। अब तक ये जानकारी मिल रही थी कि श्रीराम फाइनेंस कम्पनी के कर्मचारी जबरन बस को हाईजैक किया, लेकिन  फाइनेंस कंपनी ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। इकबाल अब्बासी श्रीराम फाइनेंस कंपनी के हेड हैं।

उनका कहना है कि मौजूदा वक्त में बस पर कोई लोन नहीं है। 2 साल पहले लोन सेटल हो चुका है। बस का लोन 2 साल पहले ही खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि श्रीराम फाइनेंस को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। पुलिस अपराधियों को बचाने में जुटी हुई है। कंपनी ने 2018 के लोन सेटलमेंट का ब्यौरा जारी किया है। बस दीपा अरोड़ा के नाम खरीदी गई थी।

बता दें कि मलपुरा के न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित रायभा टोल प्लाजा के पास से एक बस को हाईजैक किया गया। बस गुरुग्राम से मध्यप्रदेश के पन्ना जा रही थी। गाड़ी सवार कुछ लोगों ने तड़के 4:00 बजे पीछा करके रुकवाया। चालक के मुताबिक, खुद को फाइनेंस कर्मी बताया। बस को रोकने के बाद अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बस को लेकर चले गए। रास्ते में एक ढाबे पर बस को रोका भी। इस दौरान सवारियों के पैसे वापस करवाएं। खाना भी खिलाया।

जिसके बाद एत्मादपुर क्षेत्र में चालक को उतार दिया। चालक ने मलपुरा थाने आकर पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी के बाद पुलिस में हड़कंप है। बस हाईजैक करने वाले बदमाशों की तलाश की जा रही है। पूरे जिले में पुलिस को अलर्ट किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि ड्राइवर-कंडक्टर को खाना खिलाकर 300-300 देकर बस से उतार दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस में इस घटना की सूचना दी। इस मामले में आगरा के एडीजी ने बताया कि यह एक गंभीर मामला है। अगर किश्त नहीं चुकाया गया था तो उसकी वसूली का कानूनी तरीका होता है. कोई भी इस तरह से कानून को हाथ में नहीं ले सकता। आरोपियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

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