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रेल टिकटों की कालाबाजारी से सालाना होती है 100 करोड़ की आतंकी फंडिंग, आरपीएफ ने 59 लोगों को दबोचा

रेल टिकटों की कालाबाजारी से सालाना होती है 100 करोड़ की आतंकी फंडिंग, आरपीएफ ने 59 लोगों को दबोचा

गिरफ्तार दलालों में सबसे बड़ा सरगना कोलकाता से दबोचा गया है। जयंत पोद्दार नाम के इस आरोपी क्रिप्टो करंसी और हवाला (मनी लॉन्ड्रिंग) के जरिए पैसा विदेश भेज रहा था जो सिफा इटरप्राइजेज से जुड़ा था। इसी तरह वाईफाई सॉल्युसंस से जुड़े राजेश यादव के पास से 23 करोड़ रुपये का ट्रांस्जेक्शन पाया गया।

आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि इस गिरोह के पास उपलब्ध उन्नत तकनीक था। उन्होंने बताया कि साफ्टवेयर से टिकट की कालाबाजारी करने वाले 59 लोगों की गिरफ्तारी कर पूछताछ की जा रही है।

अरुण कुमार ने यह भी बताया कि फंड मैनेजिंग का काम राजेश यादव का था जो शमशेर के साथ मिलकर धंधा चलाता था। हामिद और शमशेर को आरपीएफ की टीम ने लखनऊ से दबोचा है। इसके अलावा सत्यवान उपाध्याय उर्फ बाबा को मुंबई से दबोचा गया। अरुण कुमार ने बताया कि मैक साफ्टवेयर से सबसे ज्यादा टिकट का कालाबाजारी की जा रही थी। इस साफ्टवेयर से बुक कराया गया 4493 टिकट बुक किया गया था। 8 फरवरी तक मैक के माध्यम से टिकट बुक किया गया।

इस गिरोह का मास्टर माइंड डैनी शाह है जिसे अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही सत्यवान उपाध्याय भी मैक साफ्टवेयर से गिरोह चला रहा था। मैक एडमिन ने अपने गिरोह को सूचित भी किया था कि आरपीएफ की नजर हमारे साफ्टवेयर पर है।

लिहाजा कुछ दिनों के लिए इस साफ्टवेयर को बंद किया जा रहा है। यह भी सूचित किया था करो काफी लोग इस साफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाले पकड़े जा चुके है। सभी साफ्टवेयर आरपीएफ की नजर में है। यह भी लिखा है कि हमारे साथ धोखा किया जा रहा है। नाम नहीं लेना चाहता, दुआ करें कि हम कुछ अच्छा कर पाए।

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