BJP पार्षद को मिला कांग्रेस का समर्थन, आदित्य ठाकरे बोले- ‘उनके अंदरूनी संबंध…’
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भिवंडी में बीजेपी और कांग्रेस के साथ आने, अजित पवार के विमान हादसे की जांच, रोहित पवार की सुरक्षा, गालगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद और राज्यसभा सीट को लेकर अपनी राय व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूती से लड़ रही है और जनता से उनका सीधा संबंध है.
भिवंडी में बीजेपी के 9 पार्षदों द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि पहले भी कई शहरों में बीजेपी और कांग्रेस साथ आए हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ जगहों पर बीजेपी और AIMIM भी साथ आए थे. उनके मुताबिक भिवंडी में जो हुआ है, वह इन दलों के अंदरूनी संबंधों को उजागर करता है. हालांकि उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी का पहला और मजबूत संबंध जनता के साथ है और वे संघर्ष जारी रखेंगे.
अजित पवार विमान हादसा और सुरक्षा मुद्दा
जय पवार द्वारा अजीत पवार के विमान हादसे की जांच की मांग पर ठाकरे ने कहा कि कई सवाल उठाए गए हैं. उनके अनुसार जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिए तथा अदालत की निगरानी में होनी चाहिए.
सुप्रिया सुले द्वारा रोहित पवार को सुरक्षा देने की मांग पर उन्होंने कहा कि यदि हर क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा की जरूरत पड़ रही है, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. इससे सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता झलकती है.
गालगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद और समिट व्यवस्थाएं
गालगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय ने गलती की है तो पूरे समिट को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजनों में राजनीतिक चेहरों के बजाय उद्यमी और नवोन्मेषक प्रमुख होने चाहिए.
उन्होंने समिट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत मंडपम में एक वीआईपी के आने पर एक घंटे तक ट्रैफिक रोका गया, लोगों को 5 से 6 मील पैदल चलना पड़ा. खाना खत्म हो गया था और पानी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी. उनके अनुसार व्यवस्थाएं बेहतर हो सकती थीं.
राज्यसभा सीट पर दावा
राज्यसभा सीट के सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है. हालांकि संख्या और रोटेशन के हिसाब से यह सीट और विधान परिषद की सीट उनकी पार्टी की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शिवसेना की सीट है और इस पर वे दृढ़ हैं. महा विकास आघाड़ी में भी वे यही पक्ष रखेंगे और आगे की चर्चा में स्थिति स्पष्ट होगी.
