“संन्यासी और संत के लिए धर्म सर्वोपरि”, अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच CM योगी का बड़ा बयान
New Delhi : अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘संत और सनातन’ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संन्यासी और संत के लिए धर्म सर्वोपरि है। संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती। राष्ट्र ही संन्यासी का स्वाभिमान है। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश है। बहुत से कालनेमि सनातन को बदनाम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत पहुंचे। यहां उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा , “प्रयागराज में समरसता का क्या अद्भुत नजारा है। मौनी आमावस्या में साढ़े 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। दुनिया की कई देशों की आबादी साढ़े चार करोड़ नहीं है, ये संतों का प्रताप है, ये भारत में ही हो सकता है, राजनीतिक नेतृत्व द्वारा दिया गया मार्गदर्शन है। अगले एक हजार वर्ष तक भारत का डंका होना चाहिए, सनातन का डंका होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “किसी देश के भविष्य को देखना हो तो वहां के युवाओं को देख लो, उनके विजन को देख लो। युवा के मन में देश और समाज के प्रति कुछ करने की तमन्ना है , तो उस देश का भविष्य उज्ज्वल है। जहां युवा हताश है, निराश है, उसका कुछ नहीं हो सकता, किसी को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।
