एक्सक्लूसिव: जमीन की नपाई में बड़ा ‘खेल’, डीएम ने अधिकारियों के खिलाफ दिए कार्रवाई के आदेश

 

चकबंदी विभाग में एक नया खेल उजागर होने से खलबली मच गई है। चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांव अटाली में जमीन की पैमाईश में कुछ किसानों को लाभ पहुंचा दिया और कुछ को नुकसान पहुंचा दिया। कई किसानों को अधिक जमीन दे दी और कुछ की जमीन पैमाईश में कम कर दी। शिकायत के बाद जांच हुई तो पूरा मामला सामने आया। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो एसीओ, एक कानूनगो और तीन लेखपालों के खिलाफ डीएम ने विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके लिए अलग से जांच अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

मुजफ्फरनगर जनपद में बघरा ब्लॉक के गांव अटाली में लंबे समय तक चली चकबंदी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2016 में इसे पूरा किया गया। चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर किसानों की जमीनों की पैमाईश की। पैमाईश होने के बाद से ही कुछ किसानों को यह शक था कि उनकी जमीन नपाई में कम कर दी गई है और इसका लाभ सटे हुए दूसरे किसानों को दे दिया गया। गांव में चकबंदी के सेक्टर सात, आठ और नौ में यह समस्या सामने आई। किसानों ने अपने तरीके से जमीन की पैमाईश कराई तो वह कम निकली। मामला धीरे-धीरे जोर पकड़ता गया।

वहीं डीएम सेल्वा कुमारी जे के सामने अटाली गांव के कुछ किसानों ने यह मामला रखा तो उन्होंने एडीएम प्रशासन अमित सिंह को जांच सौंपी। एडीएम की देखरेख में सीओ चकबंदी संजय शर्मा ने पूरे मामले की जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई और कुछ किसानों की जमीन मौके पर अधिक और कुछ की कम मिली। सीओ की जांच के आधार पर एडीएम ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने चकबंदी के दौरान गलत पैमाईश करने में एसीओ सदर ब्रजपाल सैनी, एसीओ चरथावल राजेश कुमार, कानूनगो विक्रम सिंह, लेखपाल धोकरण लाल शाह, राकेश मौर्य और देवेंद्र शर्मा को पृथम दृष्टया दोषी माना। ब्रजपाल सैनी, राजेश कुमार, विक्रम सिंह, धोकरणलाल शाह, राकेश मौर्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। देवेंद्र शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम के आदेश से चकबंदी विभाग में हड़कंप मचा है।

 
 

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