यूपी में 17-18 दिन का पेट्रोल-डीजल स्टॉक, स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर संजय भंडारी का बड़ा दावा
ईरान इजरायल युद्ध के बीच लोगों के मन में इस बात को लेकर के आशंकाएं हैं कि क्या पेट्रोल और डीजल लोगों को सामान्य रूप से मिलता रहेगा. क्या लोगों के घर के चूल्हे जलते रहेंगे. इन तमाम सवालों के बीच उत्तर प्रदेश इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख और स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर संजय भंडारी ने बड़ा दावा कर दिया है.
उन्होंने उत्तर प्रदेश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम जनता को किसी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपी में करीब 13,000 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां 4 से 5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है.
यूपी में 17-18 दिन का स्टॉक
संजय भंडारी के मुताबिक राज्य के 32 डिपो टर्मिनलों पर 10 से 12 दिन का स्टॉक मौजूद है. इस प्रकार कुल मिलाकर प्रदेश में 17 से 18 दिन का ईंधन भंडार उपलब्ध है. सप्लाई लाइन पूरी तरह मेंटेन है और वितरण सामान्य रूप से जारी है.
LPG को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4100 से अधिक LPG डिस्ट्रीब्यूटर हैं. प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूटर के पास सामान्य रूप से एक से दो दिन की इन्वेंट्री रहती है, जबकि बॉटलिंग प्लांट पर 3 से 4 दिन का स्टॉक उपलब्ध रहता है. यह व्यवस्था नई नहीं है, बल्कि सामान्य दिनों में भी यही स्थिति रहती है.
एलपीजी की रिफिल समय सीमा 25 दिन
भंडारी ने कहा कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल हालात को देखते हुए एलपीजी की रिफिल समय सीमा 25 दिन कर दी गई है. साथ ही बिना DAC (डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड) के गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा, ताकि गैस वास्तविक उपभोक्ता तक पहुंचे और दुरुपयोग न हो.
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
उन्होंने बताया कि भारत में LPG खपत का 65-70% हिस्सा आयात से आता है, जिसमें अधिकतर आपूर्ति मिडिल ईस्ट से होती है. मौजूदा तनाव के चलते थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्रभावित न होने देने के लिए कदम उठाए गए हैं. भारत में जिन जगहों से आपूर्ति होती है उन जगहों पर प्रोडक्शन बढ़ाने का काम सरकार कर रही है.
वहीं नॉन-एसेंशियल सेक्टर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है,लेकिन अस्पताल और स्कूल जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि घरेलू रसोई प्रभावित न हो. संजय भंडारी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी दोनों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है. लोगों से अपील है कि पैनिक बायिंग और मिसयूज से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
