शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ा झटका, यौन शोषण के मामले में दर्ज होगी FIR
New Delhi : प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट से बड़ा आदेश सामने आया है. एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया है.
कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी भी अदालत में सौंपी है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला है और वे प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि लोगों के सामने सच्चाई रखी जा सके. इस मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस अब विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी.
बता दें कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था. जिसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य ही इन बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे.
