बैंक कर्मचारियों ने बैंकिग गतिविधियों का किया चक्का जाम, मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर किया धरना-प्रदर्शन
- सहारनपुर में मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
सहारनपुर। एआईबीईए के आह्वान पर आज बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल कर नारेबाजी के बीच धरना-प्रदर्शन किया। 5 दिवसीय बैंकिग लागू एवं सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में आज सभी मजदूर यूनियनों द्वारा पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया गया था जिसमें बैंकिंग यूनियनों समेत देश में लगभग 25 करोड़ से अधिक कामगारों ने भागीदारी की।
प्रदर्शनकारियोंको सम्बोधित करते हुए यूपी बैंक एम्पलाईज यूनियन के जिला महामंत्री राजीव जैन ने कहा कि 2015 में हुए द्विपक्षीय समझौते में दूसरे एवं चैथे शनिवार का अवकाश तय किया गया था और बाकी शनिवारों के अवकाश के लिए बाद में विचार करने के लिए सहमति बनी थी किन्तु 11 वर्षों के लम्बे आन्दोलनात्मक संघर्षो के बाद भी हमारी 5 दिवसीय बैंकिग की मांग आज भी लम्बित है। पीएनबीओए०के मण्डल सचिव राजीव माहेश्वरी ने कहा कि सभी बैंककर्मियों में इस बात से बहुत रोष व नाराजगी है कि जब हर सरकारी विभाग, बोआई, इंश्योरेन्स एवं सेबी सहित अन्य विभागों में 5 दिवसीय कार्य किया जाता है तो बैंकों में क्यों नहीं।
एआईबीईए के सामान्य परिषद सदस्य राहुल कपिल ने कहा कि केंद्र सरकार को 5 दिवसीय बैंकिग लागू कराने में डिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों को कामरेड अजय कर्णवाल, आशीष शर्मा, अतुल चैपड़ा, राकेष राठौर, संजय कुमार, सोहन सिंह, अमित कुमार, निशांत शर्मा, दीपक कुमार, मुल्कीराज, नावेदअली खान, वीर कुमार जैन, सुरेश सिंह, रोहित काम्बोज, अरविन्द वर्मा, आशीष अग्रवाल, अभिशेक कुमार, अर्जुन कुमार, अमित पंवार, गौ० आसिफ, चिराग चावला, संतोश कुमार, राधे घ्याग, नरेन्द्र सिंह, फिरोज, कविता, पावल, संगीता, रीना, हर्शिता और साक्षी ने भी एक स्वर में सरकार से बिना देरी के 5 दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए।
