बिहार में शराबबंदी खत्म करने पर अवध ओझा का बड़ा बयान, ‘बेचें, राजस्व आता है, लेकिन…’
बिहार में शराबबंदी कानून लागू है. यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बड़े फैसलों में से एक है. हाल ही में एनडीए में शामिल दल के कई नेताओं ने समीक्षा की मांग की थी. इस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तक का बयान आया था. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेता ने भी सदन में सवाल उठाया था. अब आम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर शिक्षक अवध ओझा की प्रतिक्रिया आई है.
‘स्कूलों में ध्यान का अभ्यास कराएं’
न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में गुरुवार (02 अप्रैल, 2026) अवध ओझा ने बड़ी बात कही. बिहार में शराबबंदी खत्म करने पर अवध ओझा ने कहा, “शराब बेचें, राजस्व आता है, अच्छी बात है, लेकिन बिहार राज्य में ये अनिवार्य कर दें कि स्कूलों में ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराएं. क्योंकि तनाव, चिंता और अवसाद में व्यक्ति नशे में धुत हो जाता है.”
Delhi: When asked about the end of the liquor ban in Bihar, AAP leader and Educator Avadh Ojha says, “Liquor sale will end and sale of liquor will start. No problem, if you sell liquor and you get revenue from liquor, it is a good thing, high revenue. But do meditation in Bihar… pic.twitter.com/oyj2stO7mW
— IANS (@ians_india) April 2, 2026
उन्होंने कहा, “अगर बिहार की जनता ध्यान करने लगेगी, बच्चे ध्यान सीखने लगेंगे तो खरीदार कौन होगा? राजस्व के लिए एक्साइज एक बड़ा सोर्स है. बिहार जैसे राज्य को विकास के लिए तो पैसा चाहिए… लेकिन सवाल उठता है कि नशा ज्यादा हो जाएगा क्योंकि वहां वर्किंग क्लास ज्यादा है.”
नीतीश कुमार के फैसले की अवध ओझा ने की तारीफ
इस फैसले को लेकर अवध ओझा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने अच्छा काम किया है और इससे औरतों को काफी राहत मिली है. मजदूर दिन भर पैसा कमाते थे… रात में शराब पीते थे. तो इसका कोई विकल्प करना पड़ेगा. क्योंकि जो मां हैं… बहनें हैं वो दिक्कत में न आएं. कल एमएनसी वहां (बिहार) जाती हैं तो उनके लड़के तो पीएंगे न? वो कौन सा पटना से गोरखपुर शराब पीने के लिए आएंगे? बाकी ठीक है…”
