‘जो बच्चा हमारे पास कभी आया ही नहीं उसके साथ…’, अग्रिम जमानत पर सुनवाई से पहले बोले अविमुक्तेश्वरानंद

‘जो बच्चा हमारे पास कभी आया ही नहीं उसके साथ…’, अग्रिम जमानत पर सुनवाई से पहले बोले अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद नाबालिग से यौन शोषण के मामले की वजह से चर्चा में है. इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए शुक्रवार (27 फरवरी) को सुनवाई है. इससे पहले शंकराचार्य ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि जो बच्चा हमारे पास कभी आया ही नहीं, उसके साथ हमारे नाम को जोड़ना सरल नहीं है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि बच्चा उन्हीं के साथ क्यों है? बच्चे उसी के कब्जे में क्यों हैं? उन्होंने आगे कहा कि नाबालिग बच्चे उसी की कस्टडी में क्यों बने हुए हैं? उन्होंने यूपी पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी पुलिस उसे क्यों मौका दे रही है? इसी से समझ में आता है कि यूपी पुलिस उसे संरक्षण दे रही है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जनता कभी झूठ नही बोलती , सब सच जानते हैं. शंकराचार्य ने कहा कि हमारे लिए हर दिन महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने अभी तक बच्चे को जुबेनाइल बोर्ड में क्यों नही भेजा? प्रदेश की पुलिस उस दुराचारी अपराधी को संरक्षण दे रही है. यदि उस दुराचारी के लैपटॉप में कोई चलचित्र है, फोटो है तो उसे सार्वजनिक क्यों नही करता. उन्होंने बताया कि दुराचारी 76A हिस्ट्रीशीटर है.

पॉक्सो मामले में अग्रिम जमानत पर सुनवाई

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार (27 फरवरी) को सुनवाई होगी. शंकराचार्य के खिलाफ दो नाबालिग पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में पुलिस ने दोनों की मेडिकल जांच कराई है.पुलिस मेडिकल रिपोर्ट को अदालत में पेश करेगी.

प्रयागराज में दर्ज हुआ था मुकदमा

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ बीती 21 फरवरी को प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि पिछले साल शंकराचार्य और अन्य आरोपियों ने अपने गुरुकुल और हाल में संपन्न माघ मेले समेत धार्मिक सभाओं में एक नाबालिग समेत दो लोगों का यौन शोषण किया था. यह मामला आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज कराया.

शंकराचार्य ने खुद पर लगे यौन शोषण के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि माघ मेले के दौरान वह सीसीटीवी कैमरा और मीडिया के कैमरे के सामने रहे. उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिन लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है वे कभी उनके गुरुकुल में दाखिल तक नहीं हुए.

मुकदमा दर्ज होने के बाद शंकराचार्य ने दायर किया वाद

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि उन्होंने उनपर प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ भी पॉक्सो अदालत में वाद दायर कर दिया है. उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 में यह प्रावधान है कि अगर कोई आपके खिलाफ फर्जी मुकदमा करता है तो आप भी उसके खिलाफ वाद दायर कर सकते हैं.


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