विदेश मंत्री के ‘दलाल’ राष्ट्र वाले बयान पर भड़के अशोक गहलोत, मांफी की मांग कर कहा- तैयारी करनी चाहिए थी…
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा सर्वदलीय बैठक में दिए बयान पर निशाना साधा है. विदेश मंत्री के ‘दलाली’ वाले बयान की निंदा कर माफी की मांग करते हुए गहलोत ने कहा कि अगर उनसे स्लिप ऑफ टंग हुआ है तो अलग बात है.
अशोक गहलोत ने कहा कि लेकिन विदेश मंत्री तो विदेश मंत्री ही होता है. शांति वार्ता में मध्यस्थता कोई दलाली थोड़ी होती है? विदेश मंत्री अपने बयान के लिए माफी मांगें . शांति बनाने के प्रयास करने ही चाहिए. गहलोत ने कहा कि खाड़ी में तनाव को लेकर देश में जो स्थितियां बन रही है उनको लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही चेताया था. सरकार लेकिन सरकार हमेशा देरी कर देती है.
गहलोत ने कहा कि तैयारी समय पर करनी चाहिए थी. युद्ध हो गया और उसके कारण ही यह स्थिति बनी ऐसे में सरकार के पास स्थिति जस्टिफाई करने का आधार था.
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार कह सकती थी कि हम जनता को राहत देने और कम से कम तकलीफ की स्थिति आने का प्रयास कर रहे हैं. अब जो अंतरराष्ट्रीय स्थिति बनी हैं, वह किधर जाएगी कोई नहीं कह सकता? प्रधानमंत्री ने संसद में बात कही, लेकिन सरकार ने पहले तैयारी नहीं की.
विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
बता दें सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इससे सभी को नुकसान हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को ‘दलाल’ राष्ट्र करार दिया. सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में कहा कि इस मामले में पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में कुछ भी नया नहीं है क्योंकि उस देश का 1981 से अमेरिका द्वारा ‘इस्तेमाल’ किया जा रहा है.
