अरुण जेटली की हालत स्थिर, एम्स के डॉक्टरों ने कहा- छाती में दर्द और सांस की तकलीफ है

 

खास बातें

  • पूर्व वित्त मंत्री जेटली एम्स के आईसीयू में भर्ती
  • छाती में दर्द के अलावा सांस लेने में भी तकलीफ
  • एम्स की ओर से जारी किया गया हेल्थ मेडिकल बुलेटिन

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार को दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया। 66 वर्षीय जेटली को सांस लेने में तकलीफ व थकान की शिकायत के बाद सुबह करीब 10 बजे एम्स लाया गया था। वहां कार्डियक न्यूरो सेंटर में ब्लड सैंपल और यूरिन प्रोफाइल की जांच के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। एम्स ने देर रात बयान जारी कर उनकी हालत को स्थिर बताया है।

विज्ञापन

एम्स ने हेल्थ मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया है कि उनकी हालत स्थिर है। वह आईसीयू में भर्ती हैं। ब्लड सैंपल और यूरिन प्रोफाइल की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व डॉक्टरों ने वित्त मंत्री को भर्ती होने की सलाह दी।

जेटली का इलाज एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके बहल के अलावा नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रॉइनोलॉजी सहित पांच विभागों के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम रही है। एम्स के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने जांच के दौरान उनके फेफड़ों में पानी भरने का पता लगाया है। इसके लिए पूर्व वित्त मंत्री को एंटीबायोटिक दवाओं की डोज देना शुरू कर दिया गया है।

देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल जाना। बता दें कि पिछले साल मई में जेटली की किडनी का प्रत्यारोपण हुआ था, तब से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब है। इस साल मई में भी उन्हें एम्स में भर्ती होना पड़ा था।

जेटली की हो चुकी है गैस्ट्रिक सर्जरी

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं। 14 मई 2018 को एम्स में उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसके लिए डॉक्टरों की टीम बाहरी अस्पतालों से आई थी। इनमें दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ के थे।

बताया यहां तक जाता है कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान टीम में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग का एक भी डॉक्टर नहीं था। जनवरी 2019 पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा (फेफड़ा) में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे। इसे लेकर उन्हें न्यूयार्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है।

डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।

उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।

कई महीने से रह रहे हैं आइसोलेशन में

डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।

उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।

 
 

Related posts

Top