‘जो वंदे मातरम् का जो विरोध करेगा वो वहीं जाए जहां…’, CM योगी की कांग्रेस और सपा को दो टूक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 फरवरी को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने खुल कर सपा और कांग्रेस घेरते हुए कहा, ”आप राष्ट्रद्रोहियों को महिमामंडित करते हैं, राष्ट्रनायकों का अपमान करते हैं. गाजी (सूफी संत सैयद सालार मसूद गाजी) के मेले का समर्थन करते हैं. गाजी के पाप का बदला कैसे लिया जाना चाहिए, यह महाराजा सुहेलदेव के शौर्य से सीखिए.”
उन्होंने कहा, ”हमें गर्व है कि हमारी सरकार ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का बड़ा स्मारक बनाया है. हमारी सरकार ने आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय भी बनाया है.”
सपा और कांग्रेस बाबर की कब्र में सजदा करते हैं- CM योगी
मुख्यमंत्री ने सपा सदस्यों को देखते हुए कहा, ”आप लोगों के नेता तो दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की बात करते हैं. बाबर की कब्र में सजदे का समर्थन करते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं, और माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा के नेता संसद में बोल रहे हैं कि वंदे मातरम नहीं गाएंगे और हिंदुस्तान का खाएंगे.”
वंदे मातरम का कोई अपमान नहीं कर सकता- CM योगी
उन्होंने कहा, ”कुछ भी हो जाए, भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में वंदे मातरम का कोई अपमान नहीं कर सकता. ऐसे ही कांग्रेस को डंके की चोट पर कहना चाहिए कि जो व्यक्ति वंदे मातरम का विरोध करता है, कान पकड़कर धक्का देकर उसे बाहर करना चाहिए. समाजवादी पार्टी को भी घोषणा करनी चाहिए कि जो वंदे मातरम का विरोध करेगा, वह वहां चला जाए जहां इसका विरोध होता है, यहां भारत में तो नहीं होता.”
उन्होंने आगे कहा, “हिंदुस्तान की धरती पर रहने का उसे कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए. राष्ट्रगीत को 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं.”
राम मंदिर, काशी विश्वनाथ के विरोध का आरोप
आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन के विकास का विरोध किया. उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की पराकाष्ठा यह थी कि जन्माष्टमी के पर्व का थानों और जेलों में आयोजन रोक दिया गया. एएनआई के अनुसार उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कहते थे कि कांवड़ यात्रा से दंगा हो जाएगा और 84 कोसी परिक्रमा पर रोक लगा दी गई, साथ ही अयोध्या में दीपोत्सव का भी विरोध किया गया.
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने तो उच्चतम न्यायालय में पेटिशन फाइल कर दी है जिसके अनुसार, श्रीराम और श्रीकृष्ण मिथक हैं, समाजवादी पार्टी राम भक्तों पर गोलियां चलाती थी. मंदिर निर्माण को रोकने के लिए अदालत में अपने वकीलों से पैरवी करवाई, लेकिन सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है.”
उन्होंने कहा, ”आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन कर खड़ा है. पुनर्जागरण का मॉडल यही है. इसमें विरासत भी है और विकास भी है. यह पुनर्जागरण उत्तर प्रदेश से प्रारंभ हुआ है. उत्तर प्रदेश भारत की आस्था का केंद्र बिंदु है. अगर उत्तर प्रदेश को भारत की आस्था की आत्मा कहें तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.”
