वक्फ मामले पर सपा और कांग्रेस पर बरसे अनुराग ठाकुर, बोले- मालदीव से 12 गुना ज्यादा जमीन वक्फ के पास

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर चर्चा जारी है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने चर्चा के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वक्फ को लेकर निशाना साधा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वोटबैंक के लिए संविधान का सौदा किया। उन्होंने कहा, ‘जिसपर भी नजर रखोगे वो वक्फ की संपत्ति बन जाएगा। भारत में कौन सा ऐसा कानून है, जिसने आपके घर, आपके गांव और आपके मंदिर को छीन लिया या कौन सा ऐसा कानून है जो संविधान से भी ऊपर है। इस कानून का नाम है वक्फ जो कांग्रेस के शासन में बना था, जिसने मंदिर, गांव, जमीनों पर भी कब्जा कर लिया और इसके खिलाफ आप कोर्ट भी नहीं जा सकते हैं।’
कांग्रेस पर बरसे अनुराग ठाकुर
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि कर्नाटक में जो वक्फ का घोटाला हुआ था, उसमें कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी हाथ था। आखिरकार कांग्रेस अपनी जातिवादी सोचकर लेकर आ ही गई। ये कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम करती है। कर्नाटक विधानसभा की रिपोर्ट में कांग्रेस के एक नहीं बल्कि अनेक नेताओं के नाम आए जिन्होंने वक्फ की प्रॉपर्टी को खाने का काम किया है और घोटाला किया है। इसलिए आपको पारदर्शिता नहीं चाहते हैं और आप जवाबदेही नहीं चाहते हैं। इसके बाद अनुराग ठाकुर ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा।
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, अगर किसी की संपत्ति जिसके ऊपर इन्होंने कब्जा कर लिया है, तो इसमें वक्फ को साबित नहीं करना है, जिसकी प्रॉपर्टी है उसे कोर्ट में धक्के खाने पड़ते हैं। अगर सरकारी जमीन छीनी जा सकती है, गांव के गांव छीने जा सकते हैं तो सोचिए आम लोगों का क्या हाल होगा। सच्चर कमेटी आपके सरकार के समय बनी। आप क्यों हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि साल में 12 हजार करोड़ रुपये की आमदनी 9 लाख एकड़ की जमीन से हुई होती लेकिन आपने केवल वोट की राजनीति की। मारीशस जैसे दो देशों के बराबर वक्फ के पास जमीन है। मालदीव जैसे 12 देशों के बराबर वक्फ बोर्ड के पास जमीन है। लालू प्रसाद यादव जब सीएम थे तब उन्होंने कहा कि पटना के डाक बंगले की जमीन वक्फ बोर्ड खा गया। सरकारी जमीन ये खा जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘यूपी में लाल टोपी वाले सरकार में, इनके उस समय के मंत्री ने सैकड़ों एकड़ जमीन खा गए। इनके काले कारनामें और भी हैं। ये मुस्लिम विरोधी भी हैं, पसमांदा, अहमदिया और महिला विरोधी भी हैं। ये गरीबों के उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं कर पाएं। हम क्या कहते हैं कि शिया हो, अहमदिया हो, पिछड़ा वर्ग का आदमी हो, उसे उसका सदस्य बनाइए। आप मुस्लिम समाज में भी जातिवाद करते हैं।’ उन्होंने कहा कि मुसलमानों का हक मारने का काम किया गया है। वक्फ बोर्ड की जीरो अकाउंटिबिलिटी है। मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। अगर मुसलमानों को पक्के मकान, पीने का पानी, भोजन और अच्छी शिक्षा अगर किसी ने दिया है तो नरेंद्र मोदी की सरकार ने दिया है।