‘PDA का नाम सुनते ही थर-थर कांपने लगे…’ सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

‘PDA का नाम सुनते ही थर-थर कांपने लगे…’ सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

उत्तर प्रदेश स्थित बहराइच में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी जनपद में  118 हितग्राहियों को ₹21.55 करोड़ से अधिक के ट्रांसफर एवं 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों के वितरण हेतु आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे.

इस दौरान  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- जो लोग PDA की बात करते हैं. जब ये सत्ता में आते थे तो केवल परिवार तक सीमित हो जाते थे, भरथापुर के यादव और यहां की पिछड़ी जाति के लोग याद नहीं आ रहे थे. सीएम ने कहा कि जाति के नाम पर बांटने वाले लोग दंगाइयों को प्रश्रय देते थे, पर्व और त्योहार के पहले सन्नाटा छा जाता था. वर्ष 2017 के बाद प्रदेश को किसी जातीय चश्मे से नहीं देखा गया, पर्व और त्योहार के पहले उत्सव का माहौल होता है.

अखिलेश ने क्या कहा?

इसके जवाब में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसके जवाब में तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपाइयों को सोते जागते केवल PDA ही दिखाई देता है, केवल PDA ही सुनाई देता है. लोकसभा में हार की हताशा और आनेवाले विधानसभा में सत्ता से बाहर होने के बाद अपने कुकर्मों की सज़ा भुगतने के डर से ये PDA का नाम सुनते ही थर-थर काँपने लगे हैं.

सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कन्नौज सांसद ने लिखा कि जिनको पीडीए के साये से भी परहेज़ है उनकी ज़ुबान को पीडीए बोलने में भी दिक़्क़त आती होगी. जो पीडीए की झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलवाते हों और विद्वेष की राजनीति के नाम पर लोगों के हातों पर प्रहार करते हों, चोटी कटवाते-खिंचवाते हों, वो मंचों पर मौन रहें. देखते हैं दो दिन बाद इन्हें बड़े मंच पर बोलने का मौका भी दिया जाता है या नमस्ते न करने का दंड देते हुए, प्लास्टिक की कुर्सी पर दूर बैठाया जाता है.

उन्होंने कहा कि मन और वचन का गहरा संबंध होता है. जिसका मन बुरा होता है, उनका कथन भी बुरा ही होता है.


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