अखिलेश यादव आज चखेंगे ‘मुन्ना समोसे’ का स्वाद, सपा प्रमुख के कार्यक्रम की लिस्ट में क्यों आया नाम, क्या है सबसे अलग?
कानपुर की सड़कों पर समोसे की खुशबू फैलने वाली है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज शहर में एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के साथ-साथ कानपुर की सबसे चर्चित दुकान ‘मुन्ना समोसा’ पर समोसों का स्वाद लेने पहुंचेंगे। बता दें कि अखिलेश यादव ने पहले भी कानपुर में समोसे की तारीफ की थी और अब वे अपना पुराना वादा पूरा करने जा रहे हैं। यह खबर न सिर्फ राजनीतिक हलकों में, बल्कि खाने के शौकीनों में भी उत्साह भर रही है।
पिछले दौरे पर समोसा खाने का था प्लान
बताते चले कि 12 फरवरी को जब अखिलेश यादव कानपुर आए थे, तब उन्होंने स्थानीय लोगों से पूछा था कि यहां क्या ज्यादा फेमस है कचौड़ी या समोसा? लोगों ने बताया कि समोसा, खासकर “मुन्ना समोसा” । तब अखिलेश ने कहा था, “कार्यक्रम के बाद समोसा खाने जाएंगे।” लेकिन उस दिन कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण वे नहीं पहुंच पाए। अब इस बार वे खास तौर पर बिरहाना रोड स्थित इस दुकान पर रुकेंगे। शाम करीब 3:30 बजे वे यहां पहुंचकर समोसे का मजा लेंगे।
1973 में शुरू हुई थी पहली दुकान
जिस जगह अखिलेश यादव समोसे खाने जा रहे हैं उस “मुन्ना समोसा” की कहानी 1973 से शुरू होती है, जब नेहरू नगर में इसकी पहली दुकान खुली थी। राम गुप्ता परिवार की तीन पीढ़ियां आज भी इस कारोबार को संभाल रही हैं। नाना ने शुरुआत की, फिर बेटे और अब पोते-पोतियां इसे आगे बढ़ा रहे हैं। आज नेहरू नगर, गोविंदनगर, पी रोड और बिरहाना रोड पर इसकी कई शाखाएं हैं। दुकान का नाम ‘मुन्ना समोसा’ सुनते ही कानपुरवासियों के मुंह में पानी आ जाता है।
क्या है इसकी खासियत?
यहां के समोसे की सबसे बड़ी खासियत है हींग का इस्तेमाल। दुकान के संचालक राम जी गुप्ता बताते हैं कि सबसे पहले यहां समोसे के मसाले में हींग मिलाने की शुरुआत हुई, जिसने इसका स्वाद बिल्कुल अलग और लाजवाब बना दिया। आम आलू वाले समोसे से लेकर मलाई पनीर समोसा, पिज्जा पनीर समोसा और चीज कॉर्न समोसा तक यहां वैरायटी की कोई कमी नहीं। आलू का सादा समोसा सिर्फ 10 रुपये में मिलता है, जबकि पनीर वाले 20-25 रुपये के। दूर-दूर से लोग इनके स्वाद के लिए आते हैं। क्रिस्पी परत, मसालेदार भरावन और वो अनोखी हींग की खुशबू यही वजह है कि यह ब्रांड बन गया।
दुकान पर भीड़ बढ़ने की उम्मीद
दुकान के मालिक राम जी गुप्ता और अर्पित गुप्ता ने कहा, “हमारा स्वागत सबके लिए खुला है। अखिलेश जी आएं या कोई और, हम राजनीति से दूर हैं। हमारा मकसद सिर्फ अच्छा स्वाद पहुंचाना है। जो भी आएगा, उसका दिल से स्वागत करेंगे।” अखिलेश यादव के आने से दुकान पर भीड़ बढ़ने की उम्मीद है, और यह कानपुर की स्ट्रीट फूड कल्चर को नई पहचान देगा।

