‘लोगों के कमाए हुए पैसों को बीजेपी…’, BSP विधायक के घर छापेमारी पर बोले अखिलेश यादव

‘लोगों के कमाए हुए पैसों को बीजेपी…’, BSP विधायक के घर छापेमारी पर बोले अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. सपा मुखिया ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखते हैं बीजेपी को लालची बताया और कहा कि ये तब किसी को टारगेट करते हैं जब व्यक्ति अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहा होता है.

अखिलेश यादव ने योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बयान को शेयर किया जिसमें उन्होंने भी आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. बसपा विधायक मंत्री दिनेश सिंह के रिश्तेदार भी हैं. सपा अध्यक्ष ने लिखा- ‘भाजपाई छापे सरकारी डकैती होते हैं. भाजपा के छापे लोगों के कमाये गये पैसों को लूटने का काम करते हैं. भाजपाई जहां भी देखते हैं कि कहीं धन-दौलत जमा होने की संभावना हो सकती है, वहाँ अपनी एजेंसियाँ लेकर पहुँच जाते हैं.’

भाजपा को बताया लालची पार्टी

सपा मुखिया ने आगे लिखा, “भाजपाई हृदयहीन हैं, इसीलिए संवेदनहीन भी हैं. भाजपाई यह भी नहीं देखते हैं कि कोई व्यक्ति किसी अति गंभीर बीमारी से जूझ रहा है या किसी और परेशानी या दिक़्क़त का सामना कर रहा है. इसके विपरीत धन के लालची भाजपाई ऐसी ‘आपदा’ से जूझ रहे व्यक्ति के विपरीत हालातों में ‘अवसर’ तलाश लेते हैं और जब व्यक्ति अपने सबसे मुश्किल दौर में होता है, तब ही उसे टारगेट करते हैं, जिससे वो कोई विरोध-प्रतिरोध न कर पाये और ये उसका धन-मान सब लूट सकें.”

उन्होंने ये भी कहा, “भाजपाइयों के लिए बहन-बेटी का मान भी कुछ नहीं है. भाजपाई पीड़ित को उत्पीड़ित करने का कुकृत्य करते हैं. सच तो ये है कि 2047 की बात करनेवाले जानते हैं कि उनका 2027 भी पार नहीं होगा. लखनऊ हो या दिल्ली कोई भी सत्ताइस के पार नहीं जाएगा, इसीलिए ये पैसे बटोरने में लग गये हैं.

सपा प्रमुख ने आगे कहा, “अब तो भाजपाई भी हमारी बात दोहरा रहे हैं कि ‘भाजपा किसी की भी सगी नहीं है!’ अब तो भाजपा के परंपरागत वोटर भी भाजपा से छिटक गये हैं. पूज्य शंकराचार्य जी के अपमान और उनके विरुद्ध घिनौनी साज़िश करने के कारण धर्मरत समाज भाजपा के ख़िलाफ़ खड़ा हो गया है, कारोबारी समाज जीएसटी, भ्रष्टाचार और बेतहाशा उगाही के कारण भाजपा से विमुख हो गया है और आज तो सत्ता सजातीय समाज भी इस घृणित छापे के बाद पूरी तरह भाजपा को नकार रहा है.”

पूर्व सीएम ने ये भी कहा, “किसी के गंभीर हालातों में डाला गया ये छापा किसी भी दृष्टि से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है. इसके पीछे दिल्ली के षड्यंत्र का एक न एक दिन पर्दाफाश होकर रहेगा. भाजपा वाले लोगों को दुख देने के लिए कभी झूठे मुक़दमे लगवाते हैं, कभी संकट के समय जानबूझकर छापे पड़वाते हैं. कल ये दर्द विपक्ष के लोगों ने झेला था, आज भाजपा के अंदर ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “आज भाजपा के लोगों को पता चल रहा है कि जिनकी प्रवृत्ति डसने-काटने की होती है, ऐसे ‘दंश-डंक’ वालों को पालने-पोसने का हश्र होता क्या होता है, उसके दुष्परिणाम क्या होते हैं.”


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