शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अब खुलकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आए हैं. उन्होंने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है.

अखिलेश यादव ने कहा कि, “सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और खुदगर्जी के, वो किसी की भी सगी नहीं है. भाजपाई की ये पुरानी ‘कु-कार्यशैली’ है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज्यादती और जुर्म के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे भाजपाई झूठे आरोपों से धमकाने, दबाने, मिटाने की साजिश करते हैं.”

‘बीजेपी का मंसूबा धन कमाने के लिए सत्ता हासिल करना है’

अखिलेश यादव ने कहा कि, “भ्रष्ट-भाजपाई, उनके मुखबिर संगी-साथी और सत्ता सजातीय वाहिनी की ‘बिगड़ी-तिकड़ी’ नकारात्मकता का आपराधिक त्रिगुट है, जिसका मंसूबा धन-कमाने के लिए सत्ता हासिल करना है. ये सब के सब अपने-अपने स्वार्थ के लिए एक अड्डे पर इकट्ठा हैं, वैसे ये एक-दूसरे को फूटी आँख नहीं सुहाते हैं. इनकी आपसी खटपट की भूमिगत आवाजें अक्सर बाहर सुनाई दे जाती हैं.

जिन्होंने स्नान करने से रोका उन पर होनी चाहिए थी कार्रवाई

इसके अलावा अखिलेश यादव ने मीडिया में दिए एक बयान में कहा कि, “मेले के आयोजन में अविमुक्तेश्वरानंद ने जो रास्ता तय किया था, उसी पर प्रशासन को आपत्ति थी और जिन लोगों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान नहीं करने दिया, कार्रवाई उन पर होनी चाहिए थी.” उन्होंने कहा कि, दुख की बात है कि हमारे पूज्य भगवाधारी संत अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ऐसा व्यवहार तब हो रहा है, जब खुद भगवाधारी हमारे मुख्यमंत्री हैं.


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