पश्चिम बंगाल के बाद अब पूर्वोत्तर में होगा TMC-BJP का आमना-सामना

पश्चिम बंगाल के बाद अब पूर्वोत्तर में होगा TMC-BJP का आमना-सामना
  • पश्चिम बंगाल में जंग जीतने के बाद टीएमसी की नज़र अब एक बार फिर बीजेपी के खिलाफ पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनावों पर है. एक बार फिर टीएमसी पूर्वोत्तर में भी भाजपा से आमने-सामने की जंग लड़ने के लिए तैयार है.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में जंग जीतने के बाद टीएमसी की नज़र अब एक बार फिर बीजेपी के खिलाफ पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनावों पर है. एक बार फिर टीएमसी पूर्वोत्तर में भी भाजपा से आमने-सामने की जंग लड़ने के लिए तैयार है. इस बार टीएमसी ने पूर्वोत्तर की कमान अभिषेक बनर्जी के हाथों में सौंपी है. अभिषेक बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे हैं और ये एक बार टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में भी शामिल हुए थे. लेकिन अब एक बार फिर से उन्होंने टीएमसी में वापसी कर ली है और पूर्वोत्तर की कमान अपने हाथों में ले ली है. वहीं इस जंग में बीजेपी का नेतृत्व असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा कर रहे हैं.

कांग्रेस ने टीएमसी को दिया पार्टी विपक्ष के रूप में उभरने का मौका

बंगाल की जीत के बाद ममता बनर्जी और टीएमसी के हौसले काफी बुलंद हो चुके हैं. जिसके चलते वह पूर्वोत्तर के जरिए अपनी ताकत बढ़ाने और राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं. इस दौरान कांग्रेस के निष्क्रिय होने की वजह से टीएमसी भाजपा के मु्ख्य विरोधी कै तौर पर उभरने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस का सूपड़ा पूर्वोत्तर में साफ होने की वजह से टीएमसी को यह मौका मिल सका है. इस दौरान अपना वर्चस्व कायम करने के लिए टीएमसी छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है.

बीजेपी ने पूर्वोत्तर को कराया था कांग्रेसमुक्त

पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने पूरे देश में मिशन मोड में काम किया है. इसी की देन है कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और पूर्वोत्तर के राज्यों को भी बीजेपी ने कांग्रेसमुक्त बना दिया था. जिससे अब इसका लाभ टीएमसी को भी मिल सकता है, क्योंकि पूर्वोत्तर में बीजेपी के सामने मजबूत विपक्ष नहीं है.

मुख्यमंत्री विस्वा सरमा कर रहे हैं पूर्वोत्तर में भाजपा का नेतृत्व

असम के मुख्यमंत्री और नेडा के प्रमुख हेमंत विस्वा सरमा इस समय पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी की कमान संभाल रहे हैं. विधानसभा चुनाव के बाद असम में कांग्रेस के दो विधायकों ने भाजपा का दामन भी थामा है. चूंकि हेमंत विस्वा सरमा नेडा के प्रमुख होने के नाते सभी राज्यों के नेतृत्व के संपर्क में हैं इसलिए उन पर असम के साथ सभी राज्यों में तृणमूल को रोकने की जिम्मेदारी होगी. साथ ही भाजपा को आगे बढ़ाने व क्षेत्रीय गठबंधनों को मजबूत भी करना होगा.