ईद के बाद बदल लिया मजहब… देवबंद का मुस्लिम कश्यप परिवार बना हिंदू, इस्लाम छोड़ने की खुद बताई वजह

मुजफ्फरनगर। कस्बा देवबंद के रहने वाले कश्यप मुस्लिम परिवार के 10 सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की है। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा में उन्होंने शुद्धिकरण यज्ञ में आहुतियां देकर सनातन संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ बताया। साथ ही कहा कि पूर्वजों पर इस्लामिक अत्याचार हुए। अब घर वापसी से बेहद खुशी हो रही है।योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि देवबंद के रहने वाली मुस्लिम कश्यप राजकुमारी कश्यप (फैमिदा) समेत तीन बहनों ने 50 साल पहले किसी कारणवश इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। उक्त परिवार ने सनातन धर्म में वापसी की इच्छा जताई थी।
इसी के चलते गुरुवार को परिवार ने बघरा स्थित आश्रम में आकर सनातन धर्म में वापसी की। उसके लिए मंत्रोच्चारण के साथ शुद्धिकरण यज्ञ संपन्न कराया। परिवार की मुखिया राजकुमारी कश्यप के अलावा उनके पुत्र ब्रजेश, पुत्रवधू कविता, पौत्र अमित समेत पांच बच्चे भी शामिल हुए।
परिवार ने श्रद्धा और आस्था के शुद्धिकरण यज्ञ में घी और सामग्री की आहुति दी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमारे पूर्वज हिंदू थे और तत्कालीन परिस्थितियों के चलते इस्लाम मजहब स्वीकार करना पड़ा था। ईद पर्व के बाद सनातन संस्कृति को अपनाने का संकल्प लिया था।सभी सदस्यों ने मुस्लिम नाम त्याग कर हिंदू नाम रख लिए हैं। सनातन धर्म में वापसी करने वाले परिवार की मुखिया राजकुमारी कश्यप और उनके बेटे ब्रिजेश कश्यप ने प्रसन्नता व्यक्त की है। वहीं यशवीर महाराज, आचार्य मृगेंद्र ब्रह्मचारी समेत आश्रम के सेवादारों ने हिंदू धर्म में वापसी करने वालों पर पुष्पवर्षा की।
भारत में रहने वाले सभी मुस्लिम पहले हिंदू ही थे : यशवीर महाराज
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी मुस्लिम पहले हिंदू ही थे। इस्लामिक हुकूमत में इनके पूर्वजों पर अत्याचार हुए। जिससे घबराकर और लालच में आकर इस्लाम अपना लिया। किसी ने खुशी से इस्लाम नहीं अपनाया।उन्होंने कहा कि सभी परिवर्तित मुस्लिमों से आग्रह है कि आप पूर्व की गलतियों में सुधारते हुए सनातन संस्कृति को अपना लो। देश-प्रदेश में किसी प्रकार का अत्याचार और भय का वातावरण नहीं है। भाजपा सरकार अच्छा कार्य कर रही है। सनातन धर्म में घर वापसी करके अपने पूर्वजों के महान धर्म को स्वीकार कीजिए।