अफगानिस्तान के पास हैं पाक के आईएस से रिश्तों के सबूत, उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने किया दावा

 

खास बातें

आतंकी संगठन आईएस के साथ पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह ने किया दावा
अफगानिस्तान के पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान आईएस आतंकियों को फंडिंग करता है।

भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में 28 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के बीच यहां उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह ने आतंकी संगठन आईएस के पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा किया है। सलेह ने कहा, अफगानिस्तान के पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान आईएस आतंकियों को फंडिंग करता है।

अफगानिस्तान में आंतरिक मामलों के मंत्री और पूर्व खुफिया एजेंसी प्रमुख रह चुके अमरुल्लाह सलेह ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि काबुल में सुरक्षाबलों ने हाल ही में कुछ आईएस कार्यकर्ताओं को पकड़ा था, जिन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें पाकिस्तान से फंडिंग मिलती है। पाकिस्तान द्वारा आतंक फैलाने के लिए इन्हें हथियार मुहैया कराने के पक्के सबूत भी काबुल के पास हैं।

तालिबान को अफगानिस्तान की सक्रिय राजनीति का हिस्सा होने पर पूछे गए सवाल पर सलेह ने कहा, उसे काफी पहले मुख्यधारा की राजनीति में आने का ऑफर दिया गया था, लेकिन, उसने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि तालिबान जानता है कि आतंकवादी न तो चुनाव लड़ सकता और न ही कोई सीट जीत सकता है। ऐसे में तालिबान को सक्रिय राजनीति के लिए राजी करना बहुत मुश्किल है।

भारत से मात खाकर हमसे ले रहा बदला

अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सलेह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर मोदी सरकार का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर भारत से खुन्नस खाया हुआ है और दुनिया में किसी का समर्थन नहीं पाकर अफगानिस्तान से बदला ले रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अफगानिस्तान भारत को दोस्त मानता है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की

अमरुल्लाह सलेह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 खत्म कर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को रोकने के लिए बड़ा ठोस कदम उठाया है। मोदी उच्च सिद्धांत वाले हैं और अफगानिस्तान उन्हें सच्चा दोस्त मानता है। हमारा यही संदेश है कि पीएम नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान के साथ और मजबूती से जुड़ें तथा भारत-अफगानिस्तान के बीच की दोस्ती और भी गहरी हो।
 
 

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