
‘चुनाव का एक हिस्सा तो कोर्ट में ही लड़ा जाता है’, सीएम सरमा के शूटिंग वीडियो विवाद पर CJI की टिप्पणी
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ लेफ्ट पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सीएम सरमा के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है, जिसमें एक वीडियो का हवाला दिया गया और दावा किया गया कि इस वीडियो में मुसलमानों को निशाना बनाया गया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और एन वी अंजारिया की बेंच ने सीपीआई और सीपीएम नेताओं की ओर से वकील निजाम पाशा कोर्ट में पेश हुए।
‘शिकायत की गई लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई’
वकील ने कहा, “हम असम के मौजूदा सीएम के परेशान करने वाले भाषणों के संबंध में इस कोर्ट से तुरंत दखल चाहते हैं, जिसमें हाल ही में पोस्ट किया गया एक वीडियो भी शामिल है। इसमें उन्हें एक खास समुदाय के लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है। शिकायत की गई, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई।”
सीजेआई ने क्या कहा?
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं चुनाव के मौसम में ही आती हैं। उन्होंने कहा, “समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का कुछ हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। हम पता लगाएंगे और तारीख बताएंगे।”
क्या है मामला?
दरअसल, यह विवाद 7 फरवरी, 2026 को असम बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से शेयर किए गए एक वीडियो से जुड़ा है। क्लिप में कथित तौर पर सरमा को राइफल से निशाना साधते हुए और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था। एक ने टोपी पहनी हुई थी और दूसरे ने दाढ़ी रखी हुई थी। कैप्शन में “पॉइंट-ब्लैंक शॉट” लिखा था।
इस पोस्ट पर बहुत ज्यादा प्रतिक्रियाएं आईं और आरोप लगे कि इसने सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा दिया। हंगामे के बाद बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो डिलीट कर दिया।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि उन्हें वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्टरों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे किसी भी वीडियो के बारे में कुछ नहीं पता।”
