संजय राउत का PM मोदी पर हमला, बोले- ‘GDP बढ़ गई तो महंगाई और बेरोजगारी क्यों बढ़ रही?’
भारत की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी पहुंचने को सरकार जहां अर्थव्यवस्था की मजबूती के तौर पर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष ने इस आंकड़े को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने GDP में बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से बढ़ रही है तो इसका असर आम लोगों की जिंदगी में क्यों नहीं दिखाई दे रहा।
संजय राउत ने सवाल किया, “अगर GDP बढ़ गई है तो महंगाई क्यों बढ़ रही है? रुपया क्यों गिर रहा है? बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है?” उन्होंने कहा कि सिर्फ GDP के आंकड़े बढ़ने से देश की तरक्की साबित नहीं होती, बल्कि आम जनता की आर्थिक स्थिति में भी सुधार दिखना चाहिए।
‘क्या मोदी अर्थशास्त्री हैं?’
GDP ग्रोथ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “GDP कैसे बढ़ेगा? प्रधानमंत्री मोदी को दिखता है। मोदी का चश्मा क्या है, वो देखना पड़ेगा। मोदी कौन से चश्मे से देखते हैं?”
राउत ने आगे सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री अर्थशास्त्री हैं? उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी.वी. नरसिम्हा राव का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक आंकड़ों को समझने के लिए उनके नजरिए को भी देखना चाहिए।
‘GDP इतनी बढ़ी तो 85 करोड़ लोगों को राशन क्यों?’
संजय राउत ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अगर देश की GDP इतनी तेजी से बढ़ रही है तो करीब 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि केवल ‘GDP बढ़ गई, GDP बढ़ गई’ कहने से काम नहीं चलेगा। सरकार को यह भी बताना होगा कि इस विकास का फायदा आम लोगों तक कितना पहुंच रहा है।
‘लोगों के पास रोजगार नहीं’
राउत ने बेरोजगारी और आम जनता की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास का वास्तविक असर लोगों की जिंदगी में दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “दिखना तो चाहिए ना कि क्या बढ़ गया है? लोगों के पास नौकरी नहीं है, रोजगार नहीं है, कपड़ा नहीं है, मकान नहीं है।” उन्होंने GDP के आंकड़ों के साथ-साथ रोजगार, महंगाई और लोगों की आय जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा।
महाराष्ट्र SIR पर भी चुनाव आयोग को घेरा
संजय राउत ने महाराष्ट्र में SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब दो करोड़ नाम हटाए गए हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने का दावा उन्होंने किया।
राउत ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनाव आयोग बीजेपी का एजेंट है। चाहे दिल्ली में हो, महाराष्ट्र में हो या देश में, ये बीजेपी के एजेंट हैं और बीजेपी के आदेश से ही काम करते हैं।”
उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में करीब दो करोड़ और अकेले मुंबई में 36 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
राउत ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए चुनावी गणित तैयार किया जाता है और इसी आधार पर बीजेपी चुनाव में जाती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार में भी ऐसा ही हुआ है।
