उत्तराखंड: जिला-क्षेत्र पंचायतों के 50 सदस्य गायब, आयोग ने कहा-खोजो, नहीं तो दर्ज करो मुकदमा 

 

पंचायत चुनाव में इस बार भी जिला और क्षेत्र पंचायत के करीब 50 सदस्य गायब हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को इन सदस्यों की खोज करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। शनिवार को देर शाम तक आयोग को कोई मुकदमा दर्ज होने की जानकारी जिलों से नहीं मिली थीं।

जिला और क्षेत्र पंचायतों के अध्यक्षों के चुनाव में सदस्यों की खरीद फरोख्त, अपहरण, सदस्यों को विदेश घुमाने तक के आरोप लगते रहे हैं। इस बार देहरादून निवासी और अधिवक्ता विपुल जैन की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया।

हाईकोर्ट ने 17 अक्तूबर 2019 को आदेश पारित कर यह साफ कहा कि अगर खरीद फरोख्त या अन्य तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र प्रमुख के चुनाव का प्रभावित होना पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज करें।

सूत्रों की मानें तो प्रदेश के चार जिलों से करीब 50 जिपं व क्षेपं सदस्य लापता है। इस क्रम में शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिख कर गायब करीब 50 जिला एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों का पता लगाने का आदेश दिया है।

आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल के आठ विकासखंडों से करीब 50 जिला और क्षेत्र पंचायत के सदस्य गायब होने की सूचना है।

आयोग ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को इन गायब सदस्यों का पता लगाने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। आयोग के सचिव रोशन लाल के मुताबिक अभी जिलों से इस मामले में रिपोर्ट नहीं मिली है।

 
 

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